अपना घर मानवता और करुणा का केंद्र -ओम बिरला
अपना घर आश्रम के नव-निर्मित वृद्धाश्रम का लोकार्पण करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि “अपना घर आश्रम” मानवता और करुणा का केंद्र है जो समर्पण और संवेदन शीलता की मिशाल है।उनहोंने कहा कि यह एकमात्र ऐसी संस्था है जो देशभर में सेवा के क्षेत्र में अपनी एक अलग ही पहचान रखती है।उन्होंने कोटा में स्वयं की ओर से दो हज़ार लोगों की क्षमता वाले भवन का निर्माण करके देने की बात भी कहीं उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि इसका संचालन अपना घर आश्रम की टीम ही करे क्योंकि अपना घर का नाम,सेवा की विश्वसनीयता है।
इससे पूर्व उन्होंने लाड़पुरा विधानसभा क्षेत्र विधायिका कल्पना देवी के साथ नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करते हुए ग्यारह वृद्धजनों को आश्रम में प्रवेश कराकर,माला पहनाकर मिठाई खिलाकर स्वागत गया ।विधायिका कल्पना देवी ने कहा कि वास्तव में अपना घर आश्रम में आकर मन को बड़ी शांति मिलती है।उन्होंने कहा कि स्वयं मैंने इस बार अपना जन्म दिन अपना घर के प्रभु जनों के बीच मनाया। उन्होंने कहा कि साल में एक बार सभी को अपना घर अवश्य आना चाहिए।
इस अवसर पर भरतपुर से आए,अपना घर के संस्थापक डॉ बी एम भारद्वाज ने कहा कि भरतपुर मुख्यालय में अभी लगभग साढ़े छ: हज़ार विमंदित,लावारिस प्रभु जी रह रहे हैं।उन्होंने कहा कि प्रभु की सच्ची सेवा वही है जब हम बिना किसी प्रतिफल की इच्छा के सेवा भाव कार्य करते हैं।यदि हम अपनी सेवाओं के प्रतिफल में कुछ प्राप्ति की कामना करते हैं तो वह सेवा नहीं व्यापार है।उन्होंने कहा कि अपना घर अभी तक लावारिस मानसिक विमंदित लोगो की ही सेवा करता रहा है लेकिन कोटा में प्रथम बार वृद्धाश्रम का निर्माण कराया गया है।राष्ट्रीय सचिव विनोद सिंघल ने कहा कि अपना घर की भारत में अभी सत्तर से अधिक शाखाएं हैं इसके साथ ही नेपाल में भी एक शाखा है।अपना घर एक ऐसी संस्था है जिसमे अभी साढ़े तेरह हज़ार लोगों की सेवा रोज़ की जाती है।केवल देश की चार शाखाओं को छोड़ कर किसी भी स्थान पर कोई राजकीय सहायता नहीं मिलती है सभी व्यस्था जनसहयोग से ही की जाती है।
अपना घर की स्थानीय शाखा के अध्यक्ष योगेन्द्र मणि कौशिक ने नव निर्मित भवन के विषय में कहा कि स्व सुशील कुमारी सक्सेना ने छ: हज़ार वर्ग फीट की यह भूमि अपनी बहिन की स्मृति में वृद्धाश्रम के निर्माण के लिए अपना घर आश्रम को निःशुल्क दी थी जिसपर भवन निर्माण का कार्य अपना घर आश्रम कोटा द्वारा जन सहयोग से कराया गया।भूतल के अतिरिक्त दोमंज़िले इस भवन में छ: डोरमेट्री सहित कुल पच्चीस कमरे हैं। जिसमें साठ लोगो को रखने के लिए स्थान है। इस वृद्धाश्रम में चिकित्सा,मनोरंजन, वाचनालय भोजन व रहने की सभी सुविधाएँ निःशुल्क होंगी और इसमें केवल जरूरतमंद वृद्धजनों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
अपना घर संरक्षक राजेश शर्मा ने अपना घर के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि मानसिक विमंदित लावारिस लोंगों के लिए एरोड्रम स्थित आश्रम में अभी 296 महिला पुरुष प्रभु जी को पूर्व से ही सभी सेवायें निशुल्क उपलब्ध करायी जा रही हैं।कार्यक्रम का संचालन डॉ धर्मेन्द्र जैन ने किया। कार्यक्रम के अंत में पूर्व अध्यक्ष धर्मनारायण दुबे ने सभी अतिथियों और नागरिकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर जिन लोगों में कमरों के निर्माण के लिए राशि दी तथा अन्य भामाशाहों का सम्मान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा स्मृति चिह्न देकर किया गया जिसमे गुडविल कंपनी द्वारा सत्तावन लाख रुपये ,एम एच बोहरा द्वारा भवन छत और लक्ष्मी गुप्ता,प्रभा कौशिक,शशिकला,कमला शर्मा ,जगदीश गुप्ता ,रवि खंडेलवाल,योगेन्द्र कृष्ण बलारिया,बृजेन्द्र कौशिक, पुरुषोत्तम शर्मा ,मदान परिवार,मठाई और गोयल परिवार को एक एक कमरे के लिए लागत राशि दो - दो लाख रुपये का सहयोग करने पर सम्मानित किया ।उमा पाठक द्वारा मेडिकल रूम के लिए एक लाख और नत्थू सिंह द्वारा दो कमरों के निर्माण के लिए लागत राशि चार लाख रुपये देने पर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम में अनंत जैन उपाध्यक्ष ,सतीश गुप्ता वित्त सचिव,विजय जैन,रवि खंडेलवाल,नरेन्द्र कुमार सेंगर,स्थानीय मोहल्ला समिति के अध्यक्ष जे जे सुखेजा के अतिरिक्त बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे ।