जग्गी केस में फैसले के बाद बढ़ी मांग, बेटे सतीश बोले- अमित जोगी को मिले फांसी, पासपोर्ट भी हो जब्त
साल 2003 के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए लंबे समय से चले आ रहे इस मामले में नया मोड़ ला दिया है। अदालत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पीड़ित पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया
यह फैसला मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सुनाया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दोष सिद्ध करते हुए अमित जोगी को उम्रकैद की सजा दी, साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने की अतिरिक्त सश्रम कारावास की व्यवस्था भी की गई है।