सफल कूटनीति
अब नया रोना...
जैसे ईरान में अमेरिका ने रेस्क्यू मिशन चलाया अपने पायलेट के लिए... 2019 में हमने क्यों न चलाया अभिनन्दन के लिए...
सबसे पहला लोकेशन...
1. अभिनन्दन जहाँ उतरे घनी आबादी वाला इलाक़ा था कोई सुनसान बियाबान नहीं
2. उतरने के समय ही उन्हें स्थानीय लोगों ने घेर लिया... और पकड़ा
3. दुनियाँ कोई रेस्क्यू फोर्स इतनी क़्विक रिएक्शन नहीं कर सकती
आधुनिक रेस्क्यू एंड सर्च मिशन तब कारगर हो सकते हैं जब पायलेट खुद को छिपा सके कुछ समय... अभिनन्दन को दो मिनट मुश्किल से मिले...
ऐसे में कोई फोर्स क्या करेगी??
डिप्लोमेटिक प्रेसर काम में लेगी....
मिलेट्री एक्शन करेगी सामने वाले देश पर..
भारत ने क्या किया??
यही किया....
• तत्काल UAE और सऊदी के जरिये अपनी बात पहुंचाई
• अपनी मिसाइलें टार्गेट पर सेट कर पाकिस्तान को धमकाया...
• अपनी सेनाओं को अग्रिम मोर्चे पर भेज दिया पूर्ण युद्ध की तैयारी के तौर पर
नतीजा अमेरिका ने पाकिस्तान को कहा पायलेट तुरंत छोड़ो... न तो भुगतना पड़ेगा
तो भाई और क्या करती भारत सरकार
तुम्हारी बुआ का रिश्ता भेजती पाकिस्तान क्या??
जो किया जाता है वही किया गया!!