ईस्टर पर्व अंधकार पर प्रकाश की विजय, निराशा पर आशा का उदय
ईस्टर का यह पवित्र पर्व प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान की स्मृति में मनाया जाता है, जो मानवता के लिए आशा, प्रेम, क्षमा और नए जीवन का संदेश लेकर आता है। इस पावन अवसर पर प्रातः लगभग 5:00 बजे श्रद्धालु हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर गिरजाघरों (चर्च) में एकत्रित हुए। इस दौरान सभी ने मिलकर प्रार्थना की और एक-दूसरे को ईस्टर की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर रेव. अर्पण जेकब ने सुबह की विशेष प्रार्थना का संचालन किया तथा जुलूस का शुभारंभ किया। उनके नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ जुलूस में भाग लिया। इस जुलूस में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रमुख रूप से शामिल लोगों में प्रवीन मिश्रा, रिचर्ड, रॉबिन, स्टेनली डेनियल, दिनेश, रिचर्ड डायल, मॉरिस लाल, राजेश शर्मा, एनॉक लाल, एंड्रयू आइवन रहे। इस आयोजन को सफल बनाने में मीडिया प्रभारी जेकब लाल उपस्थित रहे। चर्च खत्म होने के बाद चाय, अंडा, मक्खन का भी इंतजाम किया गया। यह पर्व हमें सिखाता है कि अंधकार पर प्रकाश और निराशा पर आशा की हमेशा विजय होती है। ईस्टर का संदेश हमें एकजुट होकर समाज में शांति, सद्भाव और सहयोग की भावना को बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। आइए, इस पावन अवसर पर हम सभी मिलकर मानवता की सेवा और आपसी प्रेम के साथ एक बेहतर समाज के निर्माण का संकल्प लें।