ग्रेनाडा वर्ल्ड कप में भारतीय निशानेबाजों की बड़ी चुनौती, 24 सदस्यीय टीम पदक पर लगाएगी निशाना
नई दिल्ली, 05 अप्रैल
अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (ISSF) के राइफल/पिस्टल विश्व कप सीजन की शुरुआत स्पेन के ग्रेनाडा में होने जा रही है, जहां दुनिया भर के शीर्ष निशानेबाज अपनी सटीकता का दम दिखाएंगे। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 7 अप्रैल से लास गबियास शूटिंग रेंज में शुरू होकर 12 अप्रैल तक चलेगी। 
10 ओलंपिक स्पर्धाओं से सजी इस प्रतियोगिता में 51 देशों के 434 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। भारत ने भी 24 सदस्यीय मजबूत दल उतारा है, जिसे पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। पहले दिन दो मिश्रित टीम फाइनल होंगे, जबकि समापन पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन और महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा के फाइनल से होगा। 
भारतीय टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन देखने को मिलेगा। एशियाई खेल चैंपियन पलक, 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में मुकेश नेलावलि के साथ उतरेंगी। वहीं छैयाम और उज्ज्वल मलिक की जोड़ी भी इसी स्पर्धा में भारत की उम्मीदों को मजबूत करेगी। एयर राइफल मिश्रित टीम में सोनम उत्तम मासकर-गजानन शाहदेव खंडागले और श्रुति-अर्शदीप सिंह की जोड़ी पर भी नजरें रहेंगी।
टीम में अंजुम मौदगिल, मेहुली घोष और अखिल श्योराण जैसे अनुभवी निशानेबाजों के साथ सिमरनप्रीत कौर बरार, रिदम सांगवान और विजयवीर सिद्धू जैसे उभरते सितारे भी शामिल हैं। चयन नीति में चौथे से छठे स्थान तक के खिलाड़ियों को मौका दिए जाने के बावजूद भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ काफी मजबूत नजर आ रही है।
चीन, जर्मनी, इटली, फ्रांस और अमेरिका जैसी शूटिंग महाशक्तियां भी इस विश्व कप में उतर रही हैं। खासकर चीन की 22 सदस्यीय टीम, जिसमें तीन मौजूदा ओलंपिक चैंपियन शामिल हैं, भारत के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगी।
ग्रेनाडा विश्व कप कई खिलाड़ियों के लिए इस अंतरराष्ट्रीय सत्र की पहली बड़ी परीक्षा है। साथ ही, यह टूर्नामेंट इस साल के अंत में दोहा में होने वाली विश्व चैंपियनशिप और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह प्रतियोगिता अपनी संयोजन क्षमता, बेंच स्ट्रेंथ और बड़े मंच के दबाव को परखने का सुनहरा अवसर होगी।