निर्माण गिरा, सिस्टम बेनकाब! धरमपुरी में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा
धरमपुरी में फर्जीवाड़े का खेल – भाग 2
“ध्वस्त निर्माण, गुम जिम्मेदारी… आखिर कब जागेगा प्रशासन
किशन लाल जागिड़, पत्रकार
मो. 8827344737
धार जिले के धरमपुरी जनपद पंचायत क्षेत्र में सामने आए निर्माण घोटाले ने अब और गंभीर रूप ले लिया है। ग्राम पंचायत निमोला में आरएमएस योजना के तहत कराया गया निर्माण पहली ही बरसात में जमींदोज होने के बाद भी जिम्मेदारों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
जांच के नाम पर लीपापोती
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतों के बाद अधिकारियों द्वारा औपचारिक जांच की बात जरूर कही गई, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। बताया जा रहा है कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित है, जबकि असल दोषियों को बचाने का खेल जारी है।
तकनीकी मंजूरी पर भी सवाल
सूत्रों के अनुसार, इस निर्माण कार्य को तकनीकी स्वीकृति देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। यदि कार्य मानकों के अनुरूप था, तो इतनी जल्दी ध्वस्त कैसे हो गया? और यदि मानकों के विपरीत था, तो स्वीकृति किस आधार पर दी गई?
फर्जी बिलिंग और भुगतान का जाल
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि “ॐ साईं सप्लायर” द्वारा बिना GST बिल के भुगतान लेने के आरोप अब और गहराते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि केवल एक ही नहीं, बल्कि कई निर्माण कार्यों में इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई गई है। यदि यह सही है, तो यह पूरे जनपद स्तर पर बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं
सूत्रों के अनुसार, कई बार शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे मामले को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
बड़ा सवाल – संरक्षण किसका
अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस पूरे मामले में किसका संरक्षण प्राप्त है
क्या इंजीनियर-ठेकेदार गठजोड़ के चलते कार्रवाई दबाई जा रही है
या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं
धरमपुरी का यह मामला अब सिर्फ एक निर्माण कार्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बन चुका है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर सख्त कदम उठाता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा