गुड फ्राइडे: प्रार्थना और चिंतन के साथ मनाया गया पावन दिवस
विश्वभर में ईसाई ने आज गुड फ्राइडे को श्रद्धा और गंभीरता के साथ मनाया। यह दिन प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने और उनके बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है, जो मानवता के लिए प्रेम, त्याग और क्षमा का प्रतीक है।
इस अवसर पर दुनियाभर के चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएँ आयोजित की गईं। श्रद्धालुओं ने “स्टेशंस ऑफ द क्रॉस” जैसी धार्मिक परंपराओं में भाग लिया, जिसमें यीशु मसीह के कष्टों और उनके अंतिम क्षणों को स्मरण किया जाता है। कई स्थानों पर भक्तों ने क्रूस उठाकर जुलूस निकाले और अपने विश्वास को प्रकट किया।
पूरे वातावरण में शांति, भक्ति और गंभीरता का भाव देखने को मिला। भजन, बाइबिल पाठ और उपदेशों के माध्यम से प्रेम, करुणा, त्याग और मानवता का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर और किसी भी प्रकार के उत्सव से दूर रहकर इस दिन को श्रद्धांजलि दी।
धार्मिक नेताओं ने अपने संदेश में लोगों से शांति, एकता और दया का मार्ग अपनाने का आह्वान किया। कई स्थानों पर सेवा और दान के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जो इस दिन की आत्मा को दर्शाते हैं।
गुड फ्राइडे, होली वीक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ईस्टर संडे से पहले आता है। ईस्टर प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान का प्रतीक है और आशा व नए जीवन का संदेश देता है।