जन आवास... 8 साल पहले राशि जमा, अभी तक नहीं मिला मकान
अपने घर होने का सपना संजोए झालावाड़ के सैंकड़ों परिवारों के लिए मुख्यमंत्री जन आवास योजना का मकान अब अधूरा सपना बनती जा रही है। साल 2018 में जिन लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा नगर परिषद में इस उम्मीद के साथ जमा कराया था कि जल्द ही उन्हें अपने आशियाने की चाबी मिलेगी, वे आज 8 साल बाद भी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
हालत यह है कि कई आवेदकों ने कर्ज लेकर किश्तें भरी थीं। जिनका ब्याज अब उनके मूल बजट से बाहर जा रहा है। झालावाड़ निवासी साबिर मोहम्मद का कहना है कि उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर सारा पैसा 2018 में ही जमा करवा दिया था। अब तक मकान नहीं मिला है। इसके चलते बैंकों की किश्तें तो जमा करवा ही रहे हैं। साथ ही किराए के मकान में किराया भी दे रहे हैं। किराए और किश्त की दोहरी मार इस योजना में साल 2018 में आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने वादा किया था कि तय समय सीमा में मकानों का कब्जा दे दिया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि प्रोजेक्ट की साइट पर काम या तो बंद पड़ा है या इतनी धीमी गति से चल रहा है कि अगले दो साल तक भी पूरा होने के आसार नहीं दिख रहे। परेशान लोग आए दिन नगर परिषद के अधिकारियों के पास गुहार लगाने पहुंचते हैं। लेकिन उन्हें हर बार बजट की कमी या तकनीकी खामी का हवाला देकर टाल दिया जाता है।
Aima media jhalawar