भजनों से भक्तिमय हुआ वैशाली महोत्सव, अनूप जलोटा की प्रस्तुति पर झूमे श्रोता
वैशाली/तीन दिवसीय वैशाली महोत्सव के तीसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रोताओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देर रात तक चले कार्यक्रम में लोकगीत, लोकनृत्य, सूफी गायन, कवि गोष्ठी और भजन की शानदार प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल बना रहा।
जिलाधिकारी वैशाली के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ ख्याति प्राप्त कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति से समा बांध दिया। कार्यक्रम की शुरुआत रूपक कुमार ठाकुर के लोकगीत से हुई। इसके बाद कुमारी रीना, भवानी शेखर, संजीत कुमार यशस्वी, मोनी झा और सुमित श्री बाबा ने अपने लोकगीतों से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं रविंद्र कुमार मिश्रा दल द्वारा सामूहिक प्रस्तुति दी गई। भागलपुर की अंग हेरिटेज एंटरटेनमेंट टीम ने सूफी गायन प्रस्तुत किया, जबकि नालंदा संगीत कला विकास संस्थान के कलाकारों ने मनमोहक लोकनृत्य से दर्शकों को खूब आनंदित किया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में डॉ. नंदेश्वर सिंह के संचालन में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को खूब प्रभावित किया। मंच संचालन सतीश कुमार साथी और उमेश कुमार प्रसाद सिंह ने किया।
संध्याकालीन सत्र का मुख्य आकर्षण भजन सम्राट अनूप जलोटा की प्रस्तुति रही। उनके भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया और श्रोता उनके सुरों पर झूम उठे। इसके अलावा प्रसिद्ध कॉमेडियन रविंद्र जॉनी ने अपनी हास्य प्रस्तुति से लोगों को खूब हंसाया और कार्यक्रम में मनोरंजन का विशेष रंग भर दिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी वैशाली ने कहा कि वैशाली महोत्सव जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और जिले की सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए सभी कलाकारों, आयोजकों और उपस्थित श्रोताओं को धन्यवाद दिया।