लखाईडीह गाँव में जल जीवन मिशन के अपर सचिव का दौरा, विकास कार्यों को मिली नई दिशा
📍 डुमरिया (जमशेदपुर):
जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के जल जीवन मिशन के अपर सचिव एवं अभियान निदेशक श्री के.के. सोन ने डुमरिया प्रखंड के सुदूरवर्ती लखाईडीह गाँव का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
🔹 गाँव में दिखा बड़ा बदलाव
अपने संबोधन में श्री सोन ने कहा कि 15 वर्ष पहले की तुलना में गाँव में काफी सकारात्मक परिवर्तन आया है। जहां पहले केवल 15 बच्चे स्कूल जाते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 312 हो गई है। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित किया और कहा कि किसी भी समस्या पर सीधे उपायुक्त को पत्र लिखें।
🔹 शिक्षा और जागरूकता पर जोर
उन्होंने बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल और कानून जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही नशामुक्ति और अंधविश्वास के खिलाफ गाँव के प्रयासों की सराहना की।
🔹 प्रशासन की पहल सराहनीय
उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत सुदूर क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। शिक्षा, पेयजल, सड़क, नेटवर्क और रोजगार जैसे क्षेत्रों में सुधार के प्रयास जारी हैं।
🔹 योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक
दौरे के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन, अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास, सोना-सोबरन धोती-साड़ी जैसी योजनाओं के लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
🔹 विकास कार्यों का निरीक्षण
अपर सचिव ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया और लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं में पारदर्शिता और विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
🔹 छात्रावास और विद्यालयों का लिया जायजा
उन्होंने बालिका छात्रावास, कल्याण बालक छात्रावास, नेताजी आवासीय विद्यालय और धुमकुड़िया भवन का निरीक्षण किया तथा छात्राओं की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
🔹 ग्रामीणों से संवाद, समस्याओं की जानकारी
गाँव में पक्का मकान, सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पेयजल जैसी सुविधाओं पर ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
🔹 पारंपरिक तरीके से हुआ स्वागत
गाँव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। साथ ही सरना धर्म समिति के तत्वावधान में आयोजित अनुष्ठान में शामिल होकर पूजा-अर्चना भी की गई।
📌 निष्कर्ष:
लखाईडीह गाँव का यह दौरा न केवल विकास कार्यों की समीक्षा रहा, बल्कि ग्रामीणों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
✍️ Report: Anand Kishor