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खुलेआम दी जा रही धमकी किसी का नहीं है ख्वाब

*ब्रेकिंग न्यूज़*

*"कान खोलकर सुन लो… अगर मेरे घर पुलिस आई तो अच्छा नहीं होगा!"*

*ये शब्द हैं समीर मंसूरी के… जो खुलेआम पीड़ित को धमकी देता हुआ सुनाई दे रहा है।*

*आरोप है कि समीर मंसूरी ने न *सिर्फ दबंगई दिखाई… बल्कि अपनी कथित “पावर” और “लिंक” का हवाला देते हुए पीड़ित को डराने की कोशिश की।*

*धमकी में क्या कहा गया ?*

*“रिकॉर्डिंग कर लो… तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे…”*

*“मेरे पास सिस्टम है, पावर है… तुम्हारे पास कुछ नहीं…”*

*“अगर पुलिस मेरे घर आई… तो तुम लोगों को छोड़ेंगे नहीं…”*

*यानी साफ है आरोपी को कानून का कोई डर नहीं! खुलेआम चुनौती…खुलेआम धमकी!*

*सबसे बड़ा सवाल*
*क्या ऐसे दबंगों पर कार्रवाई होगी ?*

*क्या पीड़ित को मिलेगा न्याय… या यूं ही चलता रहेगा डर और दबाव का खेल ?*

*अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है…*

*और क्या कानून का डर दिखेगा… या दबंगई जीत जाएगी ?*

*पूरा मामला कालपी कोतवाली क्षेत्र का*

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