logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

जिले में नरवाई जलाने पर लागू है प्रतिबंध


आदेश का उल्लंघन करने वालों पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
बैतूल कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने जिले में खेत में कटाई के उपरान्त नरवाई पराली जलाए जाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 में वर्णित प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी।
जारी आदेश के अनुसार बैतूल जिले की राजस्व सीमा में फसल की कटाई के पश्चात अगली फसल के लिए खेत तैयार करने के लिए बहुसंख्यक कृषकों द्वारा अपनी सुविधा के लिए खेत में आग लगाकर डंठलों को नष्ट कर खेत साफ किया जाता है, जिससे व्यापक अग्नि दुर्घटनायें भी होकर जन धन की हानि होती है। नरवाई में आग लगाना कृषि के लिये नुकसानदायक होने के साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी हानिकारक है। इसके कारण विगत वर्षों में गंभीर स्वरूप की अग्नि दुर्घटनायें घटित हुई है तथा व्यापक संपत्ति की हानि हुई है। साथ ही कानून व्यवस्था के लिये भी विपरीत स्थितियां निर्मित होती है। खेत में नरवाई की आग के अनियंत्रित होने पर जनसंपत्ति एवं प्राकृतिक वनस्पति, जीवजन्तु आदि नष्ट हो जाते है, जिससे व्यापक नुकसान होता है। खेत की मिटटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले लाभकारी सुक्ष्म जीवाणु इससे नष्ट होते है, जिससे खेत की उर्वरा शक्ति शनैः शनैः घट रहीं है, ओर उत्पादन प्रभावित हो रहा है। खेत में पड़ा कचरा, भूसा, डंठल सडने के बाद भूमि को प्राकृतिक रूप से उपजाऊ बनातें है, इन्हें जलाकर नष्ट करना ऊर्जा को नष्ट करता है। वहीं आग लगाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिले में कई कृषकों द्वारा रोटोवेटर, सुपरसीडर से व अन्य साधनों से डंठल खेत से हटाने के लिए साधन अपनाये जाने लगे है, अतः कृषकों के पास वैकल्पिक सुविधा जो कि जनहित में भी है, उपलब्ध हो गई है। उपरोक्त परिस्थितियों में जन सामान्य के हित, सार्वजनिक संपत्ति, पर्यावरण एवं लोक व्यवस्था को बनाये रखने के लिए कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहित-2023 की धारा 63 में प्रदत्त अधिकारों के तहत बैतूल जिले की भौगोलिक सीमा में खेत में नरवाई पराली में आग लगाना प्रतिबंधित किया है। इस आदेश का उल्लघन करने पर मप्र शासन पर्यावरण विभाग, भोपाल के तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के Air (Prevention& control ofPollutionAct 1981 में निहित प्रावधानों के अंतर्गत अर्थदंड अधिरोपित करने की कारवाई की जाएगी।

5
343 views

Comment