*स्थानीय फर्स्ट स्टेप प्ले स्कूल का प्रथम वार्षिक उत्सव 'उड़ान' अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। *
*स्थानीय फर्स्ट स्टेप प्ले स्कूल का प्रथम वार्षिक उत्सव 'उड़ान' अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। *
कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शिक्षा की नींव के रूप में 'प्ले स्कूल' की महत्ता को रेखांकित किया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एसडीएम प्रियंका मिमरोट ने अपने संबोधन में प्रशासनिक गरिमा के साथ-साथ एक संवेदनशील अभिभावक की भूमिका भी निभाई। उन्होंने कहा, "आज का दिन मेरे लिए भावुक करने वाला है। मेरी अपनी बेटी भी तीन वर्ष की है और पहली बार मैं छोटे बच्चों का ऐसा शानदार फंक्शन देख रही हूँ। मैं हैरान हूँ कि नर्सरी के इन बच्चों को एक-एक स्टेप कैसे याद है? कब मुड़ना है, कब किताब उठानी है—बिना किसी गलती के उनका यह प्रदर्शन अद्भुत है।" उन्होंने आगे कहा कि प्ले स्कूल केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवहार और बैठने का सलीका सिखाकर भविष्य की मजबूत बुनियाद रखते हैं।
नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती मीणा शेखर यादव ने वर्तमान शिक्षा पद्धति पर विचार रखते हुए कहा कि पहले बच्चों को सीधे बड़े स्कूलों में भेजा जाता था, लेकिन अब प्ले स्कूल का चलन एक बेहतरीन शुरुआत है। यह विशेषकर कामकाजी माता-पिता के लिए वरदान साबित हो रहा है। उन्होंने बच्चों के मनोविज्ञान पर चर्चा करते हुए कहा कि खेल-खेल में मिलने वाले छोटे-छोटे उपहार और शील्ड बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता के चेहरे पर भी बड़ी मुस्कान लाते हैं।
संस्था के डायरेक्टर विकास बजाज ने स्कूल के प्रथम वर्ष की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय समर्पित शिक्षक वर्ग और अभिभावकों के भरोसे को दिया। बजाज ने कहा, "मंच पर बच्चों की हर प्रस्तुति शिक्षकों के धैर्य और माता-पिता के सहयोग का मधुर परिणाम है। यह तो केवल शुरुआत है, आने वाले वर्षों में हम बेहतर शिक्षा के साथ बच्चों में उच्च संस्कारों के बीजारोपण के लिए प्रतिबद्ध हैं।"