मुजफ्फरनगर: राकेश टिकैत की गिरफ्तारी पर भड़का भाकियू का गुस्सा; थानों में डेरा बोले - रिहा करो वरना हाईवे जाम "
मुहम्मद शाहनज़र सिराज
*मुजफ्फरनगर।* उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की खबर मुजफ्फरनगर पहुँचते ही जनपद में हड़कंप मच गया है। भाकियू के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर जिले भर के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के थानों पर उमड़ पड़े और वहीं धरने पर बैठ गए। आक्रोशित किसानों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि उड़ीसा सरकार ने जल्द राकेश टिकैत को ससम्मान रिहा नहीं किया, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाईवे जाम कर दिए जाएंगे।
थानों में 'पंचायत': "जब तक रिहाई नहीं, तब तक वापसी नहीं"
मुजफ्फरनगर के विभिन्न थानों में दरी बिछाकर बैठे किसानों ने पुलिस प्रशासन और उड़ीसा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके नेता को अलोकतांत्रिक तरीके से गिरफ्तार किया गया है और वे थाने से तब तक नहीं उठेंगे जब तक टिकैत की रिहाई सुनिश्चित नहीं हो जाती।
*हम सरकार बनाना जानते हैं, तो उखाड़ना भी": नीरज पहलवान*
उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज पहलवान ने उड़ीसा की भाजपा सरकार पर सीधा प्रहार करते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी:
अगर उड़ीसा सरकार ने राकेश टिकैत को रिहा नहीं किया, तो हम अपनी प्राणों की आहुति देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। सरकार याद रखे, हम उसे बनाना जानते हैं तो उखाड़ फेंकने की ताकत भी रखते हैं। यह किसानों के सम्मान की लड़ाई है।"
*जेल भरो आंदोलन और एसएसपी ऑफिस के घेराव की तैयारी*
महानगर अध्यक्ष गुलबहार राव ने आंदोलन की रणनीति साझा करते हुए कहा:
फेज 1: अभी केवल थानों का घेराव किया गया है।
फेज 2: यदि रिहाई नहीं हुई, तो नेशनल हाईवे को पूरी तरह ठप (चक्का जाम) कर दिया जाएगा।
फेज 3: इसके बाद एसएसपी कार्यालय का घेराव होगा और जिले भर में 'जेल भरो आंदोलन' शुरू किया जाएगा।
चेतावनी: उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुजफ्फरनगर में यूनियन के इतने कार्यकर्ता हैं कि गिरफ्तारी देने के लिए जिले की चौकियां और थाने भी कम पड़ जाएंगे।
*शीर्ष नेतृत्व के निर्देश का इंतजार*
फिलहाल, मुजफ्फरनगर के लगभग सभी प्रमुख थानों पर किसानों का जमावड़ा लगा हुआ है। भाकियू के रणनीतिकारों का कहना है कि वे अपने शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में हैं और जैसे ही अगला आदेश प्राप्त होगा, आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। जिला प्रशासन भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट मोड पर है।