तीन दिवसीय बुद्ध धाम कथा का आयोजन किया गया
सूरतगंज बाराबंकी। आज ग्राम दौलतपुर में तीन दिवसीय बुद्ध धाम कथा का आयोजन किया गया था जिसमें तीसरे दिन की दोपहर में सावित्रीबाई फुले की कथा सुनाई और झाकी के माध्यम से दिखाई गई संक्षिप्त इतिहास और योगदान 10 मार्च 1897) भारत की पहली महिला शिक्षिका, महान समाज सुधारक और मराठी कवयित्री थीं। उन्होंने 1848 में पुणे में अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर बालिकाओं के लिए पहला स्कूल खोला, और रूढ़िवादी समाज के कड़े विरोध के बावजूद स्त्री शिक्षा, छुआछूत उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षाः उनका जन्म महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में हुआ था। 9 साल की उम्र में 13 वर्षीय ज्योतिराव फुले के साथ उनका विवाह हुआ। उन्होंने शादी के बाद अपने पति से ही शिक्षा प्राप्त की।
शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिः 1848 में पुणे के भिड़ेवाड़ा में लड़कियों के लिए पहले स्कूल की स्थापना की। उन्हें स्कूल जाते समय गंदगी और पत्थर झेलने पड़े, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कार्यक्रम में उपस्थित अपनी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य, भीम आर्मी महिला प्रकोष्ठ जिलाअध्यक्ष अंकिता बौद्ध,ASP विधानसभा अध्यक्ष रामनगर मनीष कुमार गौतम,अजय कुमार प्रत्याशी जिला पंचायत इरफान उर्फ रुखानी ग्राम प्रधान सूरजलाल यादव जिला पंचायत राहुल सिंह और ग्राम वासी मौजूद थे