युद्ध का असर : हज यात्रियों में बेचैनी, फ्लाइट अप्रैल से
युद्ध का असर : हज यात्रियों में बेचैनी, फ्लाइट अप्रैल से
गोरखपुर। हज 2026 के तहत हज यात्रियों की तैयारी मुकम्मल हो चुकी है। हज प्रशिक्षण व टीकाकरण किया जा चुका है। पूरी हज फीस हज यात्रियों ने जमा कर दी है। करीब 17 अप्रैल से हज यात्रा की फ्लाइट का सिलसिला शुरू होगा। जो मई तक जारी रहेगा। मई में हज के अरकान अदा किए जायेंगे। इस बार गोरखपुर से करीब 118, देवरिया से 35, कुशीनगर से 17, महराजगंज से 71 लोग मुकद्दस हज यात्रा पर जा रहे हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के कारण हज यात्रियों में बेचैनी है। हज यात्रा का शेड्यूल 45, 47 व 20 दिनों का है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेचैनी होना लाज़िमी है। युद्ध का असर उमराह यात्रा पर भी पड़ रहा है। मुख्य रूप से हवाई यातायात और सुरक्षा चिंताओं ने तीर्थयात्रियों की योजनाओं को प्रभावित किया है।
हज पर जाने वाले तकिया कवलदह के मुहम्मद वसीम ने बताया कि हज यात्रा की तैयारी पूरी कर ली है। प्रशिक्षण, टीकाकरण पूरा हो गया है। हज फीस जमा करवा दी है। फ्लाइट 2 मई को है। युद्ध की वजह से कुछ बेचैनी है। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर माहौल तो खराब है लेकिन अल्लाह तआला पर यकीन है कि जल्द हालात सामान्य हो जाए। दुआ है कि पूरी दुनिया के हज यात्रियों का यह सफर आसानी से तय हो।
हज पर जाने वाले गेहुंआ सागर के जमाल अहमद सिद्दीकी ने बताया कि हज यात्रा की तैयारी कई महीनों से की जा रही है। तैयारी मुकम्मल हो चुकी है। युद्ध की वजह से थोड़ी घबराहट है लेकिन फिर भी अल्लाह तआला ने बुलाया है तो वही बेहतर इंतजाम करेगा। पूरी दुनिया में अमन ओ अमान होना जरूरी है। उम्मीद है कि हज यात्रा शांतिपूर्ण माहौल में होगी।
ट्रैवेल प्वाइंट हज उमराह एंड ज़ियारत जाहिदाबाद के नेहाल अहमद ने बताया कि मिडिल ईस्ट में जंग कि वजह से बहुत से उमराह ज़ायरीन जो लोग उमर दराज़ हैं वो लोग थोड़ा घबड़ा रहे हैं, मगर सऊदी में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है उमराह पर जाने वाले लोग जा रहे हैं। इस स्थिति में भी हज पर जाने वाले यात्री जाने के लिए तैयार हैं। मगर हाजी लोग यही दुआ कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सब सही हो जाए और लोग अपने हज के मुबारक सफ़र पर निकल जाएं।