कचहरी से कलेक्ट्रेट तक उमड़ी भीड़, समस्याओं के समाधान को भटके लोग
शाहजहांपुर में सोमवार को सरकारी कार्यालयों के बाहर भारी भीड़ देखने को मिली। कचहरी परिसर से लेकर कलेक्ट्रेट और विकास भवन तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। हर ओर फरियादियों का जमावड़ा नजर आया। कोई मुकदमों की तारीख लेने पहुंचा था तो कोई जमानत और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटता दिखा।
सुबह से ही कचहरी परिसर में भीड़ उमड़ने लगी। मुख्य सड़क से लेकर परिसर के अंदर तक लंबी लाइनें लगी रहीं। लोग अपने-अपने मुकदमों की तारीख लेने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। वकीलों के माध्यम से कागजी कार्रवाई कराई जा रही थी, वहीं कई लोग जमानत और अन्य प्रक्रियाओं में व्यस्त दिखाई दिए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कचहरी के दोनों गेटों पर पुलिस बल तैनात रहा और हर आने-जाने वाले पर नजर रखी गई।
विकास भवन में भी सभी कार्यालय खुले रहे, जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। खासकर दिव्यांगजन पेंशन संबंधी शिकायतों को लेकर लाइन में लगे दिखे। एक दिव्यांग महिला सीमा ने बताया कि उनकी पेंशन लंबे समय से नहीं आ रही है, जिसकी जानकारी लेने वह कार्यालय आई हैं। इसके अलावा कई लोग खातों को जुड़वाने, संशोधन कराने और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए अधिकारियों से मिले। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
कलेक्ट्रेट परिसर में भी फरियादियों की भीड़ उमड़ी रही। पीपल के पेड़ के पास और विभिन्न दफ्तरों के बाहर लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। बड़ी संख्या में लोग जिलाधिकारी से मिलने की उम्मीद में पहुंचे, लेकिन कई को मुलाकात का मौका नहीं मिल सका। कलेक्ट्रेट में मौजूद रामगोपाल ने बताया कि वह खेत से जुड़ी समस्या लेकर आए थे, लेकिन अधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी।
कचहरी के बाहर बैठे कुछ लोगों ने बताया कि आपसी विवाद के मामले में मुकदमा चल रहा है, जिसके चलते वे तारीख लेने के लिए बार-बार आ रहे हैं। वहीं, रिपोर्टिंग के दौरान कई कर्मचारियों ने बताया कि मार्च माह के लंबित कार्यों को निपटाने का दबाव है, जिस कारण दफ्तरों में काम का बोझ अधिक है और भीड़ लगातार बढ़ रही है।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट नजर आया। कचहरी परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे व्यवस्था बनी रही। इसके बावजूद लोगों को घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
शाहजहांपुर में सरकारी दफ्तरों में बढ़ती भीड़ इस बात का संकेत है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पर निर्भर हैं। हर दिन बढ़ती फरियादियों की संख्या व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है।