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छबड़ा:स्थानीय दिगंबर एवं श्वेतांबर जैन समाज द्वारा सोमवार को अहिंसा के अग्रदूत भगवान महावीर स्वामी की जयंती हर्षोल्लास मनाई।

छबड़ा:स्थानीय दिगंबर एवं श्वेतांबर जैन समाज द्वारा सोमवार को अहिंसा के अग्रदूत भगवान महावीर स्वामी की जयंती हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाई इस अवसर पर मंदिर जी में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ विधान का आयोजन कर कस्बे में भगवान महावीर स्वामी एवं स्वर्ण रजत कलश की भव्य शोभायात्रा निकाली जिसका जगह-जगह सजे तोरण द्वारों पर स्वागत कर समाज के लोगों ने ठडें पेय पदार्थ से स्वागत किया। शोभायात्रा में लहराते ध्वज एवं भगवान महावीर स्वामी की‌ झाकीं आकर्षण केन्द्र बनी हुई थी।
दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश चंद लुहाडिया एवं श्वेतांबर जैन समाज के अध्यक्ष चेन सिंह सिंघंवी के अनुसार सोमवार को विश्व में अहिंसा का संदेश फैलाने वाले जैन समाज के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्मोत्सव हर्सोल्लास एवं धूमधाम से मनाया इस अवसर पर मंदिर जी में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ ही कस्बे में भगवान महावीर एवं स्वर्ण रजत कलश की भव्य शोभायात्रा निकाली गई शोभायात्रा से पूर्व स्वर्ण एवं रजत कलश की बोली लगाई गई स्वर्ण कलश की बोली दीपचन्द आशा लुहाड़िया ने 8100 सो रुपये एवं रजत कलश की बोली राकेश कुमार सम्यक लुहाड़िया ने 71 सो‌‌ रुपये मे ली।इसके बाद मंदिर जी से बैंड बाजों जयकारों एवं भगवान के भजनों के साथ भगवान महावीर की शोभायात्रा शुरू हुई । शोभायात्रा छतरी चौराहा झंडू चौराहा स्टेट बैंक की गली बाहरी दरवाजा मार्ग चौधरी मोहल्ला ब्रह्मपुरी मोहल्ला अदालत परिसर नदी मोहल्ला होती हुई वापस मंदिर जी पर पहुंची शोभायात्रा मार्ग में समाज के लोगों ने तोरण द्वार सजाकर शोभायात्रा का स्वागत किया, शोभायात्रा में भगवान महावीर की झाकीं एवं हाथों में समाज की ध्वज पताकाएं लहराते चल रहे नन्ने मुन्ने बच्चे आकर्षण का केंद्र बने हुए थे,समाज के लोगों ने अपने मकानों पर ठंडे पेय पदार्थ से स्वागत किया। बाद में मंदिर जी में भगवान के अभिषेक एवं शांति धारा हुई शांति धारा करने का सौभाग्य बोली लगाने वाले दोनों लुहाडिया परिवारों को मिला इसके बाद विनय पाठ देवशात्र गुरु भगवान महावीर स्वामी की पूजा एवं विधान का आयोजन किया गया।रात को महा आरती का आयोजन किया गया तथा भक्तामर जी का पाठ हुआ एवं भगवान का पालना झुलाया गया।पर्व के अवसर‌पर मंदिर जी को आकर्षक लाइट डेकोरेशन के साथ सजाया गया।
महिला मंडल अध्यक्ष डोली पाटनी के अनुसार जयंती की पूर्व संध्या पर मन्दिर‌जी पर 24घन्टे का रात सात बजे से सुबह सात बजे तक भक्तामर जी का पाठ किया गया। जयन्ति के पावन पर्व पर सुबह भगवान की अभिषेक एवं शांति धारा की गई तथा उसके बाद नित्य नियम पूजा एवं महावीर विधान का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिला पुरुषों ने भाग लेकर विधि विधान से पूजा अर्चना एवं विधान की पूजा की। महिलाएं केसरिया बाना एवं पुरुष वर्ग स्वेत वस्त्रों में सजे धजे शामिल हुऐ।

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