इंडियन ऑयल डिपो के नाम पर वन संपदा की लूट? हिनौती में खुला खेल, जिम्मेदार मौन!
मिर्जापुर (पहाड़ी )। ग्राम सभा हिनौती में निर्माणाधीन इंडियन ऑयल डिपो अब गंभीर विवादों के केंद्र में आ गया है। विकास के नाम पर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और वन विभाग की संरक्षित भूमि को बेरहमी से खोखला किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों पर सीधा आरोप लगाया है कि प्रशासन से किसानों के खेतों से मिट्टी लेने की अनुमति लेकर, असल में वन विभाग की पहाड़ियों और संरक्षित जमीन पर अवैध खुदाई की जा रही है। यह न सिर्फ सरकारी संपत्ति की खुली चोरी है, बल्कि राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचाने वाला संगठित खेल है।
जिला पंचायत सदस्य साजन कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि कागजों में कुछ और, जमीन पर कुछ और खेल चल रहा है। जिन खेतों से मिट्टी उठाने की अनुमति है, वहां एक फावड़ा तक नहीं चला, जबकि पास की वन भूमि को जेसीबी और डंपरों से दिन-रात नोचा जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में मिट्टी का अवैध खनन और परिवहन हो रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे क्यों बैठे हैं? क्या यह सब उनकी जानकारी के बिना संभव है या फिर मिलीभगत का खेल चल रहा है? वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने सफाई देते हुए कहा कि विभाग सतर्क है और समय-समय पर छापेमारी की जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत उनके दावों को खोखला साबित कर रही है। अगर जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला सिर्फ अवैध खनन नहीं, बल्कि प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण बन जाएगा।
अब देखना यह है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर “विकास” के नाम पर वन संपदा की यह लूट यूं ही जारी रहती है।