बच्ची के साथ दरिंदगी, 2 दिन बाद भी आरोपी फरार — समाज और व्यवस्था पर गंभीर सवाल
हजारीबाग के विष्णुगढ़ में 11 वर्षीय
हजारीबाग (झारखंड): जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में 11 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई घृणित घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद से लोगों में आक्रोश और भय का माहौल है। घटना को बीते लगभग दो दिन से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक पुलिस के हाथ एक भी आरोपी नहीं लगा है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पीड़ित बच्ची के परिवार से मिलने पहुंची एक सामाजिक प्रतिनिधि ने बताया कि परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है। उन्होंने कहा कि “ऐसे दर्दनाक समय में सांत्वना देने के लिए शब्द भी कम पड़ जाते हैं।” परिवार गहरे सदमे में है और न्याय की गुहार लगा रहा है।
पुलिस पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद Jharkhand Police की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अपराधियों की गिरफ्तारी में देरी समझ से परे है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
समाज में बढ़ती संवेदनहीनता
यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को उजागर करती है। जहां एक ओर लोग रामनवमी के अवसर पर हर्षोल्लास से भगवान श्रीराम की पूजा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसी अमानवीय घटनाएं इंसानियत को शर्मसार कर रही हैं।
लोगों का कहना है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्शों की बात तो की जाती है, लेकिन उनके विचारों और मर्यादाओं को अपनाने में समाज कहीं न कहीं पीछे छूटता जा रहा है।
पुराने मामलों की याद ताजा
इस घटना ने देश के चर्चित मामलों जैसे निर्भया कांड की याद दिला दी है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। सवाल उठता है कि आखिर ऐसी घटनाएं कब थमेंगी और बेटियों व बच्चों को सुरक्षित माहौल कब मिलेगा।
न्याय की मांग तेज
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। साथ ही, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा देने की भी मांग उठ रही है।
निष्कर्ष
विष्णुगढ़ की यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। जरूरत है कि कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और समाज भी अपनी संवेदनशीलता को बनाए रखते हुए ऐसे अपराधों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हो।