सड़क सुरक्षा को लेकर दिए निर्देश, बैठक आयोजित
राजस्थान राजसमंद
सड़क सुरक्षा को लेकर दिए निर्देश, बैठक आयोजित
पीडबल्यूडी, एनएचएआई, परिवहन और पुलिस से लेकर हर विभाग से सड़क सुरक्षा पर हुई चर्चा
शराब पीकर वाहन चलाने, ओवर स्पीड, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध करें सख्त कार्रवाई :कलक्टर
यातायात के नियमों की अवहेलना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो :कलक्टर
राजसमंद, 27 मार्च। जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर सहित पीडबल्यूडी, एनएचएआई, आरएसआरडीसी, पुलिस, परिवहन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
पीडबल्यूडी एसई एवं सदस्य सचिव आर एल मेहता ने बताया कि बैठक की शुरुआत में समिति द्वारा गत 25 फरवरी को आयोजित पिछली बैठक की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात जिला कलक्टर हसीजा द्वारा विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि सभी विभाग अपनी कार्यवाही का विवरण संख्यात्मक रूप से प्रस्तुत करें, जिसमें गत बैठक तक की उपलब्धि एवं वर्तमान माह की प्रगति स्पष्ट रूप से दर्शाई जाए।
जिला कलक्टर ने वर्ष 2026-27 के जिला सड़क सुरक्षा प्लान के निर्माण हेतु सभी विभागों को निर्धारित प्रारूप में तीन दिवस के भीतर आवश्यक सूचनाएं प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही ई-डार पोर्टल पर सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित विवरण एवं साइट रिपोर्ट को नियमित रूप से अद्यतन करने के लिए कहा गया, ताकि डेटा आधारित योजना निर्माण एवं निगरानी सुनिश्चित हो सके।
मेहता ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सूचना संबंधित पोर्टल पर अद्यतन करते हुए उन्हें योजना का लाभ प्रदान कर तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जाए। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा 13 फरवरी 2026 से प्रारंभ इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक व्यक्ति को अधिकतम 7 दिवस तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए परिवहन एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से वाहन चेकिंग अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके अंतर्गत शराब पीकर वाहन चलाने, ओवर स्पीड, बिना नंबर प्लेट एवं बिना रिफ्लेक्टर वाले वाहनों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा संबंधित चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई करने को कहा गया। साथ ही प्रत्येक माह की कार्रवाई की रिपोर्ट समिति को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा कार्यशालाओं एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करने के निर्देश भी दिए गए। सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी प्रत्येक बैठक में प्रस्तुत करने को कहा गया।
बैठक में राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग एवं अनाधिकृत होर्डिंग हटाने के लिए सड़क निर्माण एजेंसियों, पुलिस एवं जिला प्रशासन के समन्वय से नियमित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मेहता ने बताया कि इसके साथ ही सभी सड़कों पर निर्धारित मानकों के अनुसार संकेतक एवं सूचना बोर्ड लगाने तथा एम्बुलेंस सेवा के टोल फ्री नंबर 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को 45 वर्ष से अधिक आयु के वाहन चालकों के लिए नियमित नेत्र परीक्षण अभियान चलाने तथा उसकी मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले नागरिकों को राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित करने हेतु प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन को भेजने को कहा गया।
शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लब का गठन सुनिश्चित किया जाए तथा नियमित रूप से सड़क सुरक्षा से संबंधित गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर समन्वित एवं सतत प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी विभागों को अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।