सारंगढ़
“कागजों में बहा पानी, गांव प्यासा!” जल जीवन मिशन पर उठे बड़े सवाल, डोंगरीपाली में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा…।
रिपोर्ट- सुनील कुमार पुरैना
भटगांव- केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन अब सारंगढ़ जिले में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों में घिरती नजर आ रही है। बरमकेला विकासखंड के ग्राम पंचायत डोंगरीपाली में यह योजना राहत देने के बजाय ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गोपाल बाघे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नल-जल योजना केवल कागजों में पूरी कर दी गई है। जिले के अधिकांश गांवों में टंकी निर्माण, पाइपलाइन और घर-घर नल कनेक्शन का कार्य दिखाया गया है, लेकिन हकीकत में ग्रामीणों को एक बूंद पानी तक नसीब नहीं हो रहा।
डोंगरीपाली गांव में टंकी और पाइपलाइन का काम पूरा दिखाया गया है, लेकिन आज तक किसी भी घर में पानी नहीं पहुंचा। हालात यह हैं कि
सूखी टंकियां फटने लगी हैं
घर-घर लगे नल जर्जर होकर टूटने लगे हैं
ग्रामीणों का कहना है कि योजना का लाभ उन्हें अभी तक नहीं मिल पाया है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मिलीभगत का आरोप, करोड़ों की योजना पर सवाल
गोपाल बाघे ने आरोप लगाया कि ठेकेदार, पीएचई विभाग के अधिकारी और ग्राम पंचायत के सरपंच की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की इस योजना में बड़ा खेल हुआ है। बिना पानी सप्लाई शुरू किए ही योजना का सत्यापन कर उसे पूर्ण दिखा दिया गया, जो सीधे तौर पर शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
आंदोलन की चेतावनी, तत्काल कार्रवाई की मांग
बढ़ती गर्मी को देखते हुए बाघे ने प्रशासन से मांग की है कि:
जल्द से जल्द टंकी से घर-घर पानी की आपूर्ति शुरू की जाए
दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित सरपंच पर कड़ी कार्रवाई की जाए
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर जन आंदोलन किया जाएगा।
निष्कर्ष:
जल जीवन मिशन जैसी जनकल्याणकारी योजना का इस तरह जमीनी स्तर पर फेल होना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि ग्रामीणों के भरोसे को भी तोड़ता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या कदम उठाता है और कब तक गांव की प्यास बुझ पाती है।