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जोधपुर एयरपोर्ट कल उड़ेगी आखिरी फ्लाइट:एक महीने तक रोजाना 14 घरेलू उड़ानें रहेंगी रद्द,जानें कब तक बंद रहेगा हवाई अड्‌डा

29 मार्च से 30 दिन बंद रहेगा जोधपुर एयरपोर्ट:वायुसेना का NOTAM जारी; 7 शहरों की कनेक्टिविटी पर पड़ेगा असर

जोधपुर10 दिन पहले

भारतीय वायुसेना ने जोधपुर एयरपोर्ट के रनवे की री-कारपेटिंग के लिए नोटम (नोटिस टू एयरमैन) जारी किया है। इस नोटम के अनुसार- करीब 30 दिनों के लिए जोधपुर एयरपोर्ट पर सभी सिविल (व्यावसायिक) उड़ानें पूरी तरह बंद रहेंगी। जोधपुर एयरपोर्ट पर 29 मार्च की शाम 6:30 बजे से 27 अप्रैल की शाम 6:30 बजे तक नोटम लागू रहेगा।


क्या होता है NOTAM?

NOTAM यानी "नोटिस टू एयरमैन" एक आधिकारिक सूचना होती है, जो पायलटों, एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन अधिकारियों को किसी एयरपोर्ट या हवाई क्षेत्र में होने वाले बदलाव, रख-रखाव कार्य या प्रतिबंध के बारे में अग्रिम रूप से सूचित करने के लिए जारी की जाती है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया जोधपुर एयरपोर्ट ने 15 मार्च को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट किया कि जोधपुर एयरपोर्ट एक सिविल एन्क्लेव है और रनवे भारतीय वायुसेना के अधीन है।

7 साल बाद होगी रनवे री-कारपेटिंग


वायुसेना के अनुसार- जोधपुर एयरपोर्ट के रनवे की आखिरी बार मरम्मत लगभग 7 साल पहले की गई थी। रनवे री-कारपेटिंग का पहला चरण मूलतः 1 मार्च से शुरू होना था, लेकिन यह कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। वायुसेना ने आश्वासन दिया है कि तीसरे और अंतिम चरण का कार्य मई तक पूरा कर लिया जाएगा।

तीन चरणों में होगा निर्माण कार्य

जानकारी अनुसार- रनवे का रिसर्फेसिंग कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।

पहला चरण- रनवे का लगभग एक-तिहाई हिस्सा बंद किया जाएगा, जिससे एयरबस A320 जैसे विमानों का संचालन संभव रहेगा, लेकिन A321 जैसे बड़े विमान छोटे रनवे पर उड़ान नहीं भर सकेंगे। दूसरा चरण- सबसे महत्वपूर्ण और अधिक प्रभाव डालने वाला होगा, जिसमें रनवे के मध्य भाग पर काम होने के कारण रनवे पूरी तरह बंद रहेगा और सभी सिविल उड़ानें रोकनी होंगी। तीसरे चरण- रनवे के अंतिम हिस्से का काम होगा और आंशिक उड़ान संचालन फिर से शुरू हो सकेगा।

एकमात्र रनवे साझा करते हैं IAF और सिविल विमान

जोधपुर एयरपोर्ट एक "ज्वाइंट-यूजर फेसिलिटी" है, जहां IAF का एयरबेस और सिविल एन्क्लेव दोनों एक ही रनवे का उपयोग करते हैं। चूंकि IAF के लड़ाकू विमानों और सैन्य एयरक्राफ्ट की रनवे संबंधी तकनीकी आवश्यकताएं सिविल विमानों से अलग और अधिक होती हैं, इसलिए समय-समय पर रनवे का रखरखाव अनिवार्य है। साथ ही जोधपुर एयरपोर्ट सीमावर्ती क्षेत्र के करीब होने के कारण सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

AAI की सलाह नहीं मानी, सुरक्षा को दी प्राथमिकता

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने वायुसेना को सुझाव दिया था कि रनवे मरम्मत का काम जून महीने में किया जाए, ताकि व्यावसायिक उड़ानों पर कम असर पड़े। हालांकि वायुसेना ने सुरक्षा और परिचालन आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए AAI का यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया और मार्च-अप्रैल में ही कार्य कराने का निर्णय लिया।

7 शहरों की उड़ानें प्रभावित, प्रतिदिन 14 फ्लाइट्स बंद

वर्तमान में जोधपुर एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलूरु, पुणे, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं और प्रतिदिन करीब 14 उड़ानें (28 आवागमन) होती हैं। नोटम जारी होने के बाद इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 28 मार्च के बाद की सभी बुकिंग रोक दी हैं।

समर शेड्यूल पर भी असर

सामान्यतः एयरलाइंस का समर शेड्यूल 31 मार्च से लागू होता है, लेकिन इस बार जोधपुर एयरपोर्ट बंद रहने के कारण यहां समर शेड्यूल 28 अप्रैल से ही शुरू हो सकेगा। अनुमान है कि समर शेड्यूल लागू होने के बाद जोधपुर से दो से तीन गंतव्यों की उड़ानें कम हो जाएंगी और कुल फ्लाइट्स की संख्या भी लगभग आधी रह जाएगी। यह स्थिति जोधपुर की कुल एयर कनेक्टिविटी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

देश के अन्य IAF एयरपोर्ट भी प्रभावित

जोधपुर के अलावा IAF संचालित श्रीनगर, पुणे और आदमपुर एयरपोर्ट भी इस वर्ष रनवे मरम्मत और अपग्रेड के कारण प्रभावित होंगे। श्रीनगर एयरपोर्ट पर अक्टूबर 2026 में तीन सप्ताह का पूर्ण बंद प्रस्तावित है, जबकि पुणे एयरपोर्ट पर करीब 8 दिनों की बंदी की योजना है। पुणे के लिए टाइमलाइन अभी तय नहीं हुई है।



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