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"प्लेटफार्म चमका, नल सूखा! पड़री में सरकारी पैसे का खेल उजागर”

मीरजापुर ( पडरी ) :- विकासखंड पहाड़ी के ग्राम पंचायत पड़री में सरकारी लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का मामला अब खुलकर सामने आ रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहाड़ी, आवासीय कस्तूरबा बालिका विद्यालय, जूनियर हाई स्कूल पड़री और मां सरस्वती माता मंदिर के पास वर्षों से खराब पड़ा हैंडपंप आज भी बदहाल स्थिति में है।
मुख्य विकास अधिकारी के हालिया निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने के बाद साफ-सफाई और खराब हैंडपंपों की मरम्मत के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। साथ ही विकासखंड कार्यालय के प्लेग्राउंड में खराब पड़े दो हैंडपंपों को भी ठीक कराने का आदेश दिया गया था।
लेकिन हकीकत—शून्य!
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आदेशों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। शिक्षा स्थल पर बना हैंडपंप वर्षों से बंद पड़ा है और बच्चों को आज भी पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि विभाग ने हैंडपंप की मरम्मत किए बिना ही उसका प्लेटफार्म बनवा दिया। यानी “ऊपर से विकास, अंदर से सूखा” वाली तस्वीर पेश की गई।
उधर, विकासखंड कार्यालय के दो हैंडपंपों की मरम्मत के नाम पर लगभग ₹39,000 की धनराशि निकाल ली गई। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि मरम्मत के बाद हैंडपंप वास्तव में चालू हुए भी या नहीं।
गंभीर आरोप और बड़ा खेल:
ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर हैंडपंप रिबोर कराने की बजाय, कथित रूप से निजी लाभ लेकर कुछ लोगों के घरों पर रिबोर कराया गया। इससे सरकारी धन के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
उठते सवाल:
क्या मरम्मत सिर्फ कागजों में ही की गई?
क्या अधिकारियों ने निजी लाभ के लिए सरकारी योजनाओं को मोड़ा?
क्या इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी?
पड़री में हैंडपंप नहीं, बल्कि जिम्मेदारी ही “खराब” पड़ी है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला बड़े घोटाले का रूप ले सकता है।

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