ककरा पुल ऊंचा करने का काम ठप, मौके से जैक-मशीनें गायब
मजदूर बोले—सिर्फ मरम्मत का काम, पुल उठाने वाली टीम लौट गई; प्रशासन ने कहा—काम जारी
शाहजहांपुर। शहर के ककरा पुल को ऊंचा करने का कार्य अचानक रुक जाने से सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार को जहां पुल को जैक की मदद से उठाने का काम बंद हो गया, वहीं बुधवार को मौके पर न तो भारी मशीनें दिखीं और न ही वह टीम मौजूद मिली, जो पुल को ऊंचा करने में लगी थी।
हालांकि, बुधवार को पुल के पास तीन-चार मजदूर जरूर काम करते दिखे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वे केवल पुल की टूटी-फूटी हिस्सों की मरम्मत कर रहे हैं। उनका पुल को ऊंचा करने से कोई लेना-देना नहीं है। मजदूरों के मुताबिक, पुल को जैक से उठाने वाली टीम कुछ दिन पहले ही काम छोड़कर वापस जा चुकी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में बने इस पुल को तकनीकी खामियों के चलते 80 सेंटीमीटर ऊंचा किया जाना है। इसके लिए करीब 4.24 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया है। पिछले दो वर्षों में आई बाढ़ के दौरान पानी पुल पार कर सरकारी इमारतों और आबादी वाले क्षेत्रों में घुस गया था, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
मरम्मत तक सीमित दिखा काम
मौके पर मौजूद निर्माण कंपनी के एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें केवल पुल की क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम सौंपा गया है। पुल को उठाने का कार्य उनके जिम्मे नहीं है और यह काम फिलहाल बंद है। काम क्यों रुका, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है।
मीडिया पहुंची तो शुरू हुआ काम
स्थानीय लोगों के अनुसार, मंगलवार को काम पूरी तरह बंद था। बुधवार को जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे, तो कुछ मजदूरों को बुलाकर काम शुरू कराया गया। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति मजदूरों की फोटो खींचते हुए यह कहते नजर आया कि अधिकारियों को तस्वीरें भेजनी हैं।
प्रशासन का दावा—काम बंद नहीं
वहीं, एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा का कहना है कि संबंधित विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पुल पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी मजदूर काम करते हुए मिले हैं, इसलिए काम बंद होने की बात सही नहीं है।
अब सवाल यह है कि करोड़ों की लागत से चल रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में अचानक आई यह रुकावट तकनीकी है या फिर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा। स्थानीय लोगों को डर है कि काम में देरी से बरसात के मौसम में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।