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बांका से बड़ी खबर | मासूम से विवाद के बाद महिला के साथ मारपीट, कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल

संवाददाता । अंग संदेश
बांका , न्यूज़

बांका, बिहार: जिले के ककना गांव में एक मासूम बच्चे के विवाद ने गंभीर मारपीट की घटना का रूप ले लिया है। पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ उच्च स्तर तक गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, ककना निवासी खुशबू देवी (उम्र 27 वर्ष), पति– पैरू चौधरी दिनांक 06 मार्च 2026 को किसी आवश्यक कार्य से घर से बाहर गई थीं। इसी दौरान उनका लगभग 5 वर्षीय पुत्र सत्यम कुमार घर पर अकेला था। आरोप है कि उसी समय गांव के अनूप लाल उर्फ बुच्चा चौधरी के बच्चों के साथ उसका झगड़ा हो गया।
बताया जाता है कि झगड़े के दौरान बच्चों ने सत्यम कुमार की आंख पर गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे उसकी आंख लाल हो गई। परिजन तत्काल उसे डॉक्टर के पास ले गए, जहां जांच के बाद बताया गया कि आंख की नस प्रभावित हो गई है और चोट गंभीर प्रकृति की है।
घटना के दो दिन बाद, दिनांक 08 मार्च 2026 को जब खुशबू देवी इस मामले को लेकर अनूप लाल उर्फ बुच्चा चौधरी के घर पहुंचीं और इलाज में हुए खर्च व घटना की शिकायत की, तो मामला और भड़क गया।
पीड़िता के अनुसार—
अनूप लाल उर्फ बुच्चा चौधरी (पिता– स्व. शिवचरण चौधरी)
रिंकू देवी (पति– बुच्चा चौधरी)
ने मिलकर उनके साथ लात-घूंसे और थप्पड़ से बेरहमी से मारपीट की, जिससे उनका चेहरा सूज गया, मुंह से खून निकल आया और कपड़े तक फाड़ दिए गए।
वहीं, फूलन कुमारी (पिता– बुच्चा चौधरी) पर आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ बीच-बचाव नहीं किया, बल्कि पीड़िता को अश्लील और अभद्र गालियां देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
पीड़िता ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत बांका पुलिस को दी है, लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक न तो प्राथमिकी में अपेक्षित तेजी दिखी है और न ही आरोपियों पर कोई सख्त कार्रवाई हुई है।
इस मामले को लेकर अब स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में यह मामला अब भारत सरकार का सूचना और प्रसारण मंत्रालय सहित उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने की मांग उठ रही है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और पुलिस-प्रशासन इस पर त्वरित कार्रवाई करने को बाध्य हो।
पीड़िता की प्रमुख मांगें:
मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच हो
सभी आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो
परिवार को सुरक्षा दी जाए
इलाज में हुए खर्च का न्यायपूर्ण समाधान हो
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि पीड़िता को न्याय दिलाने में देर न की जाए।
👉 अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन कब तक इस मामले में सक्रिय होकर पीड़िता को न्याय दिलाता है, या फिर यह मामला भी कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा।

रिपोर्ट ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन जन जन की आवाज जय हिंद जयभारत🇳🇪

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