शाहजहांपुर में प्रतिमाएं हटाने पर सियासत तेज, कांग्रेस ने मेयर से मांगा इस्तीफा
शाहजहांपुर:
नगर निगम कार्यालय के बाहर से शहीदों की प्रतिमाएं हटाए जाने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने जहां मेयर से इस्तीफे की मांग की, वहीं दोनों दलों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान निगम अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने कहा कि यदि मेयर पिछले पांच दिनों से कार्यालय नहीं आ रही हैं, तो उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने मेयर से तत्काल इस्तीफे की मांग की।
वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध जताया। डीएम को ज्ञापन देने पहुंचे सपाइयों को कार्यालय के बाहर ही रोक दिया गया, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
24 घंटे में प्रतिमाएं पुनः स्थापित करने की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मांग की कि 24 घंटे के भीतर सभी शहीदों की प्रतिमाएं पुनः स्थापित कर उनकी गरिमा बहाल की जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने प्रतिमाएं हटाने के आदेशों को सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई।
कांग्रेस ने ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। चेतावनी दी कि तय समय में कार्रवाई न होने पर जिला कांग्रेस कमेटी व्यापक जनआंदोलन करेगी।
सपा ने दी आमरण अनशन की चेतावनी
सपा कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन को 24 घंटे का समय देते हुए कहा कि यदि दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो समाजवादी लोहिया वाहिनी आमरण अनशन शुरू करेगी।
गौरतलब है कि नगर निगम द्वारा प्रतिमाएं हटाकर डंपिंग ग्राउंड में फेंके जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद से राजनीतिक दलों और आमजन में आक्रोश है। मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने के आसार हैं।