प्रधानमंत्री के नेतृत्व में झारखंड में विकास की रफ्तार तेज, केंद्र की योजनाओं का व्यापक असर
जमशेदपुर
देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव पूरे देश के साथ-साथ झारखंड में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। दावा किया जा रहा है कि ऐसा कोई राज्य नहीं है जहां विकास की गंगा न बही हो, और झारखंड भी इससे अछूता नहीं रहा है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं जैसे अमृत भारत योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, ग्रामीण सड़कों का जाल, शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, और आधुनिक परिवहन सुविधाएं राज्य में विकास को नई दिशा दे रही हैं। विशेष रूप से वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों की शुरुआत और राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार से झारखंड की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार हुआ है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है। उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिलने से महिलाओं को धुएं से राहत मिली है, वहीं आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से लाखों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।
हालांकि, दूसरी ओर राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेताओं का आरोप है कि राज्य में सत्तारूढ़ Jharkhand Mukti Morcha (JMM), Indian National Congress और Rashtriya Janata Dal (RJD) केंद्र की योजनाओं को पूरी तरह लागू करने में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, जिससे विकास की गति प्रभावित हो रही है।
इन आरोपों के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि राज्य सरकार अपने स्तर पर विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है और केंद्र की योजनाओं को भी लागू किया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष का आरोप है कि राजनीतिक कारणों से योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी की जा रही है।
झारखंड में विकास को लेकर यह राजनीतिक खींचतान आने वाले समय में और तेज हो सकती है, लेकिन आम जनता को उम्मीद है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर राज्य के समग्र विकास के लिए कार्य करेंगी।