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असम में वन्यजीव संरक्षण की ऐतिहासिक उपलब्धि: पहली बार जंगल में छोड़े गए बंदी-प्रजनित गिद्ध 🦅✨


असम ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में आज एक मील का पत्थर स्थापित किया है। राज्य में पहली बार रानी रेंज के नलापारा में बंदी-प्रजनित (Captive-bred) 'व्हाइट-रंप्ड' (सफेद पूंछ वाले) गिद्धों को सफलतापूर्वक जंगल में मुक्त किया गया।
मुख्य विवरण:
विशेष अभियान: कुल 5 गिद्धों को एक विशेष रूप से तैयार की गई एवियरी (पक्षीशाला) से छोड़ा गया।
प्रमुख उपस्थिति: इस ऐतिहासिक क्षण के दौरान असम के वन एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव एम.के. यादव के साथ प्रसिद्ध संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. विनय गुप्ता, किशोर रिठे, डॉ. सचिन राणदे और डॉ. क्रिस बोडेन उपस्थित रहे।
आधुनिक तकनीक: पक्षियों को बिना किसी मानवीय बाधा के छोड़ने के लिए एक रिमोट पुली सिस्टम का उपयोग किया गया।
निगरानी: इन गिद्धों की भविष्य की गतिविधियों और सुरक्षा पर नज़र रखने के लिए अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं।
प्रकृति के पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने में गिद्धों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह कदम उनकी लुप्तप्राय प्रजाति को बचाने में संजीवनी साबित होगा। 🌳

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