खुशी और ग़म के साये में मनी ईद, आंधी-तूफान से फसल बर्बाद
न्यूज संवाददाता: मेराज
(बिहार सुपौल)
सुपौल जिला के छातापुर प्रखंड अंतर्गत ग्वालपाड़ा रतनसार गांव में इस वर्ष ईद का त्योहार जहां एक ओर उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया, वहीं दूसरी ओर प्रकृति की मार ने लोगों की खुशियों को फीका कर दिया। बीती रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने किसानों की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे ग्रामीणों में गहरी निराशा देखी गई।
ईद की सुबह गांव के मस्जिदों और ईदगाहों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन व खुशहाली की दुआ मांगी। घर-घर में सेवइयां और विभिन्न पकवान बनाए गए, बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
लेकिन इस खुशी के माहौल के बीच किसानों के चेहरों पर चिंता साफ झलक रही थी। आंधी-तूफान के कारण गेहूं और अन्य फसलें खेतों में ही बर्बाद हो गईं। ग्रामीणों ने बताया कि फसल के नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ेगा और आगे की खेती भी प्रभावित हो सकती है।
इस तरह ग्वालपाड़ा रतनसार में ईद की खुशियां और फसल बर्बादी का दर्द एक साथ देखने को मिला, जिसने इस त्योहार को भावनात्मक रूप दे दिया।