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एस.वी.एस.यू. के कृषि विभाग द्वारा तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का आयोजन*


प्रवीण कुमार कुकरेजा
पलवल-21 मार्च

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में मशरूम उत्पादन तकनीकी पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के आदरणीय कुलगुरु प्रो दिनेश कुमार के करकमलों से हुआ। संकाय अधिष्ठाता प्रोफेसर डी. वी. पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में 14 किसान और 18 छात्रों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की प्रयोगिक विधियों के साथ-साथ रोग प्रबंधन और उत्पाद विविधीकरण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर बी. के. शर्मा एवं ऑएस्टर मशरूम पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए और किसानों एवं छात्रों के साथ सक्रिय संवाद हुआ। कृषि विज्ञान केंद्र फरीदाबाद की समन्वयक डॉ. वर्षा ने मशरूम से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बनाने की तकनीक सिखाई। डॉ. स्मिता ने मशरूम स्पान निर्माण, उत्पादन प्रक्रिया, रोग एवं उपचार पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। श्री हेमंत त्रिपाठी ने उत्पादन उपरांत सावधानियों और परिरक्षण पर चर्चा की। अंतिम दिन किसानों को श्री पुष्पेंद्र शर्मा ने विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे कृषि उत्पादों का परिचय कराया और उन्हें कृषि फार्म का दौरा कराया, जहाँ ऑर्गेनिक खेती और मधुमक्खी पालन का अवलोकन कराया गया। समापन अवसर पर स्किल फैकल्टी ऑफ एप्लाइड साइंस एंड ह्यूमेनिटीज की डीन प्रोफेसर सुचित्रा ने प्रशिक्षण की सफलता पर अधिष्ठाता प्रोफेसर पाठक को बधाई दी। उन्होंने औषधीय फसलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों और छात्रों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती से जुड़ने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। इसी अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। अधिष्ठाता प्रोफेसर पाठक ने भविष्य में ऐसे और प्रशिक्षण अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया और संकाय के शिक्षकों एवं छात्रों की सराहना की। कृषि संकाय विभाग समन्वयक डॉ. हरीश कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी अधिकारियों, किसानों, छात्रों और संकाय सदस्यों का आभार व्यक्त किया। डॉ. हरीश कुमार बताया की तीन दिवसीय प्रशिक्षण किसानों और छात्रों के लिए मशरूम उत्पादन की नवीनतम तकनीक, रोग प्रबंधन, मिट्टी और पानी का परीक्षण और प्राकृतिक खेती के महत्व को समझने का एक सशक्त अवसर साबित हुआ।

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