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सोशल मीडिया पर वायरल दावे की हकीकत: क्या सच में मोबाइल छीन रहा है बच्चों की रोशनी?

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मासूम बच्चे की तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अत्यधिक मोबाइल देखने की वजह से बच्चे की एक आंख पूरी तरह खराब हो गई है। इस खबर ने अभिभावकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। लेकिन क्या इस दावे में वाकई कोई सच्चाई है? आइये जानते हैं विशेषज्ञ क्या कहते हैं।
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इंटरनेट पर प्रसारित इस तस्वीर के साथ एक चेतावनी लिखी है: "मोबाइल फोन की वजह से एक आंख खराब हो गई है। माता-पिता अपने बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखें।" तस्वीर में बच्चे की आंख के पुतली का हिस्सा सफेद और क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है।..
हालांकि मोबाइल से अंधापन नहीं होता, फिर भी बच्चों की नाजुक आंखों के लिए स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदेह है।
20-20-20 नियम अपनाएं: हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें।
अंधेरे कमरे में मोबाइल का इस्तेमाल न करने दें।
अगर बच्चे की आंख में कोई भी सफेदी या असामान्य चमक दिखे, तो उसे मोबाइल का दोष मानकर घर न बैठें, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।.
.सुनील अहिरवार की इस रिपोर्ट का उद्देश्य आपको डराना नहीं, बल्कि जागरूक करना है। वायरल खबरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। मोबाइल का सीमित इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन आंख में ऐसी कोई भी समस्या दिखने पर वह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती है जिसके लिए डॉक्टरी सलाह अनिवार्य है।

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