लहरागागा के सिबा स्कूल में ‘सौंह पंजाब दी’ क्रिएटिव फेस्टिवल शुरू, करमजीत अनमोल ने समां बांधा।
लहरागागा, 20 मार्च (सुरेश जवाहर वाला 90233-63132) पंजाब कला परिषद, चंडीगढ़ ने पंजाब सरकार के साथ मिलकर, चेयरमैन स्वर्णजीत सिंह स्वाई की लीडरशिप में, पंजाब की ग्रामीण लोक कलाओं, हैंडीक्राफ्ट्स, लोक गायन, लोक नृत्यों और फाइन आर्ट्स को डेडिकेटेड एक क्रिएटिव फेस्टिवल इलाके के मशहूर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन सिबा स्कूल में शुरू किया। फेस्टिवल के पहले दिन पंजाबी सिंगर और एक्टर करमजीत अनमोल ने अपनी परफॉर्मेंस से दर्शकों का मन मोह लिया।
फेस्टिवल की शुरुआत फोक बैंड अल्बाज खान एंड पार्टी (गोसलान) के फोक सॉन्ग से हुई, जबकि खुशी मोहम्मद एंड पार्टी (घनौर) ने अपने माइम्स से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा, बाजीगरों के रोमांचक एक्ट भी खास अट्रैक्शन रहे। पोखर सिंह के पोते और साथियों ने फोक डांस झूमर भी पेश किया।
युवा कलाकारों के लिए वर्कशॉप के साथ-साथ मेले में ग्रामीण हस्तशिल्प की एक शानदार प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें खादी बुनाई, दरी बनाना, चरखा कातना, पाखी और चिक्कू बनाना और कढ़ाई जैसी पारंपरिक कलाओं को दिखाया जा रहा है।
इस मौके पर चेयरमैन स्वर्णजीत सिंह स्वाई ने कहा कि इस मेले का मुख्य मकसद पंजाब की ग्रामीण कला और शिल्प को बढ़ावा देना और उन्हें मार्केट से जोड़ना है।
ललित कला अकादमी की ओर से गुरमीत गोल्डी, भावना, गुरशरण कौर, सोनम जैन और इंदरजप्रीत लकड़ी की नक्काशी की शानदार प्रस्तुति दे रहे हैं, जबकि मिनिएचर पेंटिंग में मनजीत कौर का काम खास ध्यान खींच रहा है।
कैंप के स्थानीय आयोजक कंवलजीत सिंह ढींडसा ने कहा कि 'सौंह पंजाब दी' मेले को लेकर इलाके में बहुत उत्साह है। यह पंजाब का पहला ऐसा क्रिएटिव लोक उत्सव है, जिसमें भूले-बिसरे लोक कलाकारों को अपनी कला पेश करने का मंच मिल रहा है।
मंच का संचालन जगदीश पपरा ने किया। इस मौके पर अमरजीत सिंह ग्रेवाल, गुरदीप धीमान, प्रीतम सिंह रूपल, सुमित और कई अन्य लोग मौजूद थे।