उज्जैन में गुड़ी पड़वा पर सृष्टि आरम्भ उत्सव, रामघाट बना आस्था और तकनीक का केंद्र
उज्जैन, 20 मार्च। डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में गुड़ी पड़वा एवं सृष्टि आरम्भ उत्सव के अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन के राम घाट पर भव्य आयोजन किया गया। विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्वगायक विशाल मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज से उपस्थित श्रद्धालुओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हजारों की संख्या में लोगों ने संगीत का आनंद लेते हुए हिंदू नववर्ष का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
आतीशबाजी बनी आकर्षण का केंद्र
शिप्रा तट पर आयोजित कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भव्य ड्रोन शो, लेजर शो और रंग-बिरंगी आतिशबाजी रही। ड्रोन शो के माध्यम से देवी-देवताओं की आकृतियों और सांस्कृतिक संदेशों का मनोहारी प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उज्जैन अनादिकाल से आस्था और संस्कृति का केंद्र रहा है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की नगरी उज्जैन को प्राचीन काल में अवंतिका और उज्जयिनी के नाम से जाना जाता था और इसकी महिमा हर युग में अक्षुण्ण रही है।
उन्होंने बताया कि आज आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन का उपयोग जहां दुनिया युद्ध में कर रही है, वहीं उज्जैन में यह तकनीक आस्था और संस्कृति के प्रचार का माध्यम बन रही है, जो सनातन संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक है।
* सिंहस्थ 2028 की तैयारियां जोरों पर*
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी सिंहस्थ 2028 को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक तैयारियां चल रही हैं। शहर को जोड़ने वाले मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है तथा शिप्रा तट पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नए घाट विकसित किए जा रहे हैं।
उज्जैन को व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में भी तेजी से विकसित किया जा रहा है। विक्रम उद्योगपुरी और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहे हैं। 12,500 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो चुका है, वहीं अतिरिक्त 5,000 एकड़ में नया पार्क तैयार किया जा रहा है। एयरपोर्ट और हेलीकॉप्टर सेवाओं की योजना भी बनाई जा रही है।
कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ एवं संस्कृति संचालनालय के विभिन्न ग्रंथों एवं पंचांगों का विमोचन भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
आस्था, संस्कृति और तकनीक का संगम
गुड़ी पड़वा, जो हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के आरंभ का प्रतीक है, के अवसर पर पूरे उज्जैन में धार्मिक उल्लास का वातावरण रहा। सृष्टि आरम्भ उत्सव ने उज्जैन को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाते हुए उसकी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक आयोजन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं हजारों श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।