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पोषण कार्यशाला एवं व्यंजन प्रदर्शन के माध्यम से कुपोषण के विरुद्ध सामूहिक पहल

पोषण कार्यशाला एवं व्यंजन प्रदर्शन के माध्यम से कुपोषण के विरुद्ध सामूहिक पहल

कलेक्टर ने पोषण जागरूकता को जनआंदोलन बनाने पर दिया बल

कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी के सहयोग से महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अंतरा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पोषण कार्यशाला एवं व्यंजन प्रदर्शन कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। यह आयोजन कुपोषण के विरुद्ध एक सशक्त सामुदायिक पहल के रूप में उभरकर सामने आया, जिसका उद्देश्य जनसामान्य में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना तथा संतुलित एवं स्वस्थ खान-पान की आदतों को प्रोत्साहित करना था।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर, नगर निगम महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश भार्गव, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री ओ.पी. पांडे सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री जांगिड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंतरा फाउंडेशन द्वारा समुदाय एवं जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से यह सीख मिलती है कि सीमित संसाधनों के माध्यम से भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि केंद्रों पर उपलब्ध सामग्री का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें, जिससे बच्चों के सर्वांगीण विकास को बल मिल सके।
कार्यक्रम में जिले की सभी परियोजनाओं से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रत्येक परियोजना द्वारा आकर्षक स्टॉल स्थापित किए गए, जिनमें टेक-होम राशन (टी.एच.आर.) एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्री से तैयार पौष्टिक एवं स्वादिष्ट व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “बीस मिनट की कोशिश, पौष्टिक हो हर डिश” गतिविधि रही, जिसमें प्रतिभागियों को सीमित समय में श्रेष्ठ एवं पौष्टिक व्यंजन तैयार करने की चुनौती दी गई। इस प्रतियोगिता ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता एवं कौशल को उजागर करते हुए यह सिद्ध किया कि सीमित संसाधनों में भी पोषण से भरपूर भोजन तैयार किया जा सकता है।
अतिथियों द्वारा विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया गया तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। सहजन का जूस, पौष्टिक चाट, मूंग दाल चीला, सहजन कचौड़ी एवं रायता, सोयाबीन अप्पे, पनीर टोफो, सहजन पकौड़े तथा टी.एच.आर. से बने केक एवं इडली जैसे व्यंजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम के दौरान पोषण विशेषज्ञों ने गर्भवती एवं प्रसूता माताओं तथा पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए आवश्यक पोषण संबंधी व्यवहारों पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. पूजा थदानी ने गर्भावस्था के प्रारंभिक तीन महीनों में विशेष पोषण की आवश्यकता पर बल दिया। सहायक प्राध्यापक प्रियंका शर्मा ने 12 सप्ताह के भीतर पंजीयन एवं फोलिक एसिड के महत्व को रेखांकित किया। एनआरसी मुरैना की फूड डेमोंस्ट्रेटर टीना ने बताया कि बच्चों को बाहरी खाद्य पदार्थों से दूर रखना आवश्यक है, क्योंकि वे पेट तो भरते हैं, परंतु पर्याप्त पोषण नहीं देते।
महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जिससे माँ और शिशु दोनों स्वस्थ रह सकें। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आरती गुर्जर ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण सेवाओं को प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जनभागीदारी एवं व्यवहार परिवर्तन को कुपोषण उन्मूलन की कुंजी बताया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री ओ.पी. पांडेय ने विभाग द्वारा संचालित पोषण सुधार संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर सहयोगिनी मातृ समिति को सशक्त बनाने हेतु कहानी आधारित मीटिंग मॉड्यूल-02 का विमोचन भी किया गया।
अंतरा फाउंडेशन के डायरेक्टर पियूष भट्ट ने समुदाय आधारित पहलों के माध्यम से पोषण सुधार के प्रयासों पर प्रकाश डाला।
रेसिपी प्रतियोगिता में खड़ियाहार परियोजना को प्रथम, पहाड़गढ़ को द्वितीय तथा जौरा-02 को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि मुरैना ग्रामीण परियोजना को सर्वश्रेष्ठ स्टॉल प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह प्रभावी संदेश दिया गया कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सस्ती एवं सहज खाद्य सामग्री से भी संतुलित एवं पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है। यह पहल गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों के पोषण स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
अंततः यह स्पष्ट किया गया कि सही जानकारी, सामुदायिक सहभागिता एवं स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग से कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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