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फेक न्यूज़ अलर्ट: क्या बिल गेट्स भारत में करवा रहे हैं 'केमिकल' बारिश? जानें क्या है इसकी सच्चाई

अजमेर/नई दिल्ली: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अरबपति बिल गेट्स भारत में "कृत्रिम या केमिकल बारिश" करवा रहे हैं। इस खबर ने आम जनता के बीच डर और भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। AIMA MEDIA ने जब इस खबर की पड़ताल की, तो सच्चाई कुछ और ही निकलकर सामने आई।
​क्या है वायरल दावा?
​सोशल मीडिया पोस्ट्स में कहा जा रहा है कि बिल गेट्स गुपचुप तरीके से आसमान में रसायनों का छिड़काव करवा रहे हैं ताकि मौसम को बदला जा सके और "जहरीली" बारिश करवाई जा सके।
​पड़ताल में क्या मिला? (सच और झूठ)
​झूठ: बिल गेट्स भारत के आसमान में कोई छिड़काव करवा रहे हैं।
​सच: भारत में कृत्रिम बारिश (Cloud Seeding) के प्रयोग पूरी तरह से भारत सरकार, राज्य सरकारों और IIT कानपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की देखरेख में होते हैं। इसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना या सूखे से राहत पाना होता है।
​भ्रम का कारण: बिल गेट्स ने 'सोलर जियोइंजीनियरिंग' (Solar Geoengineering) नामक एक वैश्विक रिसर्च प्रोजेक्ट को फंडिंग दी थी, जिसका मकसद ग्लोबल वार्मिंग कम करना है। लेकिन इस प्रोजेक्ट का भारत में हो रही किसी भी बारिश या छिड़काव से कोई सीधा संबंध नहीं है।
​केमिकल का डर: क्लाउड सीडिंग में सिल्वर आयोडाइड या साधारण नमक जैसे कणों का उपयोग होता है, जो दशकों से दुनिया भर में सुरक्षित रूप से उपयोग किए जा रहे हैं। इसे "जहरीली बारिश" कहना वैज्ञानिक रूप से गलत है।
​निष्कर्ष
​यह दावा पूरी तरह से निराधार और भ्रामक है। मौसम संबंधी कोई भी बड़ा बदलाव या प्रयोग भारत के मौसम विभाग (IMD) की अनुमति के बिना संभव नहीं है। जनता से अपील है कि ऐसी किसी भी 'कॉन्स्पिरेसी थ्योरी' पर विश्वास न करें और बिना जांचे-परखे ऐसी खबरें शेयर न करें।
​— ब्यूरो रिपोर्ट, AIMA MEDIA

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