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सरकार की सफाई: गैस कनेक्शन बंद नहीं होगा, e-KYC सिर्फ अधूरे रिकॉर्ड वालों के लिए अनिवार्य



**नई दिल्ली, 17 मार्च 2026**

केंद्र सरकार ने e-KYC को लेकर फैली अफवाहों पर स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी कनेक्शन बंद नहीं किया जाएगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि e-KYC (बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन) की जरूरत केवल उन ग्राहकों को है जिनका रिकॉर्ड अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

**किसे करानी होगी e-KYC?**
- यदि आपने पहले ही e-KYC पूरा कर लिया है, तो दोबारा करने की कोई जरूरत नहीं।
- सामान्य ग्राहकों के लिए यह अनिवार्य नहीं है, अगर उनका वेरिफिकेशन पहले हो चुका है।
- **उज्ज्वला योजना** के लाभार्थियों के लिए नियम अलग हैं। उन्हें हर वित्तीय वर्ष में कम से कम एक बार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना पड़ता है, खासकर अगर वे 7 सिलेंडर के बाद सब्सिडी वाले 8वें-9वें रिफिल का लाभ लेना चाहते हैं।

**घर बैठे आसानी से करें e-KYC**
मंत्रालय ने बताया कि गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं। संबंधित गैस कंपनी (जैसे इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस) के मोबाइल ऐप और आधार फेस RD ऐप से मुफ्त में प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। सिर्फ आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर चाहिए।

**उद्देश्य: फर्जीवाड़ा और कालाबाजारी रोकना**
सरकार का मकसद सिस्टम में पारदर्शिता लाना है। इससे 'घोस्ट कंज्यूमर्स' (फर्जी कनेक्शन) हटेंगे और एलपीजी की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी। यह कोई नया नियम नहीं, बल्कि पुराने अभियान का हिस्सा है।

**कानूनी स्थिति क्या है?**
सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले के अनुसार, आधार बायोमेट्रिक सिर्फ सब्सिडी वाली सेवाओं के लिए अनिवार्य हो सकता है। सामान्य बाजार मूल्य पर गैस लेने वालों के लिए e-KYC जबरदस्ती नहीं है। सब्सिडी न लेने वालों के लिए यह वैकल्पिक है।

**2024 में भी ऐसा ही भ्रम फैला था**
जुलाई 2024 में भी इसी तरह की अफवाहें फैली थीं, जब कुछ एजेंसियों ने e-KYC न करने पर कनेक्शन काटने की धमकी दी। HPCL ने RTI में साफ किया था कि कोई अनिवार्यता नहीं है।

**देश में LPG संकट की वजह: ईरान जंग और होर्मुज स्ट्रेट**
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (167 किमी लंबा जलमार्ग) प्रभावित है। दुनिया का 20% पेट्रोलियम इसी रास्ते से गुजरता है। भारत अपनी 50% कच्चे तेल और 54% एलएनजी की जरूरत इसी रूट से पूरी करता है। टैंकरों का आवागमन रुकने से LPG की किल्लत है, एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं और कालाबाजारी बढ़ गई है।

**बुकिंग नियम तीन बार बदले**
- 6 मार्च: घरेलू रिफिल के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया।
- 9 मार्च: शहरों में बढ़ाकर 25 दिन।
- 12 मार्च: ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का गैप तय।

सरकार के स्पष्टिकरण से अब अफरा-तफरी कम होने की उम्मीद है। ग्राहक ऐप से e-KYC पूरा कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क करें।

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