एटा ब्रेकिंग पानमसाला और गुटखा पर कालाबाजारी पर नहीं लग रही रोक
*एटा ब्रेकिंग*
एटा में ही नहीं आस पास जिले में गुटका पान मसाला सिगरेट की कीमत में कालाबजारी चल रही है हाल ही में आए प्रदेश सरकार के नए बजट में गुटका पान मसाला सिगरेट में टैक्स की हुई बढ़ोतरी को लेकर चल रही कालाबाजारी एमआरपी से ज्यादा वसूली, सप्लाई की आड़ में उपभोक्ताओं से हो रही है खुली लूट।
पुराने गुटखा व पान मसाला सिगरेट पर निर्धारित मूल्य से ज्यादा वसूल रहे, होलसेलर रेट।
छोटे दुकानदारों का कहना है कि जो होलसेलर है वह निर्धारित रेट से ज्यादा दामों पर छोटे-छोटे दुकानदारों को महंगे दामों पर बेच रहे सामान।
जो तानसेन का पैकेट 170 रुपए का था वो आज 310 रुपए का ब्लैक में बेचा जा रहा है इस पर प्रशासन कि नजर क्यों नहीं गुटखा और पान मसाला की कृत्रिम कमी का फायदा उठाकर शहर के कई इलाकों में दुकानदार खुलेआम एमआरपी से ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं 20 रुपये की तानसेन की पुड़िया 30 रुपये तक में बेची जा रही है। विरोध करने पर ग्राहकों को “माल कम है” कहकर टाल दिया जाता है।
सूत्रों के मुताबिक, एटा जनपद के कुछ थोक विक्रेता जानबूझकर सप्लाई रोककर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं। इससे खुदरा दुकानदारों को ब्लैक में माल बेचने का मौका मिल रहा है। खुदरा व्यापारियों का आरोप है कि थोक स्तर पर ही मनमानी वसूली की जा रही है, जिसका बोझ अंतः आम उपभोक्ता पर डाला जा रहा है।
उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, लेकिन शिकायत करने से कतरा रहे हैं। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो कालाबाजारी का यह खेल और तेज हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में एमआरपी से अधिक वसूली उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी तमाशाई की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन इस पर कब सख्त कदम उठाते हैं, या फिर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रही यह मार यूं ही जारी रहेगी।