प्राइवेट स्कूलों में RTE सीटें कम होने से जनता में नाराज़गी
राजस्थान सरकार द्वारा प्राइवेट स्कूलों में आरटीई (Right to Education) के तहत सीटों की संख्या कम किए जाने के फैसले से आमजन में नाराज़गी देखने को मिल रही है। सरकार द्वारा प्रति स्कूल क्लास 8 सीटें तय किए जाने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के शिक्षा से वंचित होने की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले के मुकाबले सीटें कम होने से कई होनहार बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाएंगे। अभिभावकों ने चिंता जताई कि आरटीई योजना गरीब वर्ग के बच्चों के लिए एक बड़ी उम्मीद होती है, लेकिन सीटों में कटौती से यह उम्मीद कमजोर पड़ रही है।
जनता ने सरकार से अपील की है कि आरटीई के तहत सीटों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि अधिक से अधिक गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने का अवसर मिल सके। लोगों का कहना है कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इस दिशा में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।