गुरुआ में आशा वहाली को लेकर धोखाधड़ी का आरोप,मामला पहुची थाना
गया जिले के गुरुआ प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ता की बहाली में हेराफेरी का आरोप सामने आया है। यह मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह प्रकरण गुरुआ प्रखंड की चिलोर पंचायत से संबंधित बताया जा रहा है।
आरोप है कि आशा कार्यकर्ता की बहाली प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन कर अनियमितता बरती गई है। आशा बहाली की एक आवेदक महिला ने ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर (BCM) रविशंकर कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में आशा कार्यकर्ता की बहाली वार्ड सदस्य की पत्नी को कर दी गई, जबकि नियमानुसार इसके लिए पंचायत स्तर पर आम सभा आयोजित कर चयन प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए थी।
वायरल वीडियो में एक महिला यह कहते हुए दिख रही है कि पंचायत के मुखिया पति रामाशीष प्रजापति ने आशा कार्यकर्ता की बहाली के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग की थी। इस संबंध में डिजिटल दैनिक भास्कर के संवाददाता ने मुखिया पति रामाशीष प्रजापति से संपर्क किया, तो उन्होंने सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया।
मामले को लेकर जब संवाददाता ने BCM रविशंकर कुमार से बात की, तो उन्होंने भी सभी आरोपों को निराधार बताया। रविशंकर कुमार ने कहा कि आशा कार्यकर्ता की बहाली पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि 13 मार्च को ग्रामीणों द्वारा उनके कार्यालय में दुर्व्यवहार किया गया था, जिसकी लिखित शिकायत उन्होंने स्थानीय थाना और चिकित्सा पदाधिकारी को दी है।
फिलहाल, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब लोगों की नजर स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों पर टिकी है कि वे इस मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाते हैं या नहीं। डिजिटल चैनल न्यूज़ वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।