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शिक्षा जगत में बड़ा धमाका: 3 लाख कर्मचारियों की कुंडली खंगालेगी SIT; 2,700 से ज्यादा शिक्षकों का डेटा गायब!

मुख्य बिंदु: SIT एक्शन मोड में
​महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग में 'शालार्थ आईडी' (वेतन प्रणाली) में हुए कथित फर्जीवाड़े की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। इस जांच के दायरे में राज्य के करीब 3 लाख शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी आएंगे।
​जांच का मुख्य कारण और SIT का गठन
​फर्जीवाड़ा रोकने की कोशिश: शालार्थ आईडी के जरिए वेतन लेने वाले कर्मचारियों की नियुक्तियों में बड़ी गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
​समिति का नेतृत्व: पुणे के विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार इस समिति के अध्यक्ष हैं। इसमें पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा और शिक्षा सह-संचालक हारुन आत्तार जैसे बड़े अधिकारी शामिल हैं।
​समय सीमा: शुरुआत में SIT को 3 महीने का समय दिया गया था, लेकिन डेटा की विशालता को देखते हुए शासन से 3 महीने का अतिरिक्त समय (Extention) मांगा गया है।
​कौन से कर्मचारी हैं रडार पर?
​SIT मुख्य रूप से निम्नलिखित समयावधि में नियुक्त हुए कर्मचारियों की जांच कर रही है:
​7 नवंबर 2012 से 18 नवंबर 2016 तक की नियुक्तियां।
​18 नवंबर 2016 से 7 जुलाई 2025 तक नियुक्त सभी निजी सहायता प्राप्त (Aided) स्कूलों के कर्मचारी।
​हैरान करने वाले आंकड़े: 2,796 कर्मचारियों की जानकारी गायब
​जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि कई स्कूलों ने अभी तक अपने कर्मचारियों का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है:
​प्राथमिक स्कूल: 709 कर्मचारियों का डेटा नदारद।
​माध्यमिक स्कूल: 2,087 कर्मचारियों की जानकारी गायब।
​कुल: 2,796 कर्मचारियों का डेटा सिस्टम में उपलब्ध नहीं है, जिससे उन पर संदेह गहरा गया है।
​कुल जांच का दायरा
विभाग
कर्मचारियों की संख्या
प्राथमिक शिक्षा विभाग
48,898
माध्यमिक शिक्षा विभाग
2,51,987
कुल योग
3,00,885
आगे की कार्रवाई: एक महीने में होगी सुनवाई
​माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेश पालकर के अनुसार, जिन स्कूलों या कर्मचारियों ने अभी तक अपने दस्तावेज (जैसे: नियुक्ति आदेश, अनुमोदन पत्र, ज्वाइनिंग रिपोर्ट) जमा नहीं किए हैं, उन्हें नोटिस भेज दिया गया है। अगले एक महीने के भीतर इन मामलों की सुनवाई की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
​नोट: इस कार्रवाई से उन लोगों में डर का माहौल है जिन्होंने पिछले 12-13 वर्षों में गलत तरीके से नियुक्तियां हासिल की हैं।

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