चिरकुंडा श्रम कल्याण केंद्र में प्रस्तावित पानी टंकी निर्माण पर उठा सवाल, स्थान परिवर्तन की मांग!
चिरकुंडा: चिरकुंडा नगर परिषद क्षेत्र में कुमाशुधी श्रम कल्याण केंद्र में प्रस्तावित विशाल पानी टंकी के निर्माण को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में झारखंड प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश चंद्र झा ने नगर परिषद प्रशासन को पत्र लिखकर निर्माण स्थल बदलने की मांग की है।
अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि जिस स्थान पर पानी टंकी का निर्माण कराया जा रहा है, वह क्षेत्र भू-धंसान (सब्सिडेंस) की दृष्टि से संवेदनशील है। बताया गया है कि कुमाशुधी कोलियरी में पहले ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) द्वारा खनन कार्य किया जा चुका है, जिसके कारण जमीन के अंदर खाली स्थान होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में वहां भारी संरचना का निर्माण भविष्य में खतरा पैदा कर सकता है।
सुरेश चंद्र झा ने यह भी कहा कि अतीत में इसी क्षेत्र में बोरिंग कराने का प्रयास किया गया था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि जमीन के नीचे की स्थिति निर्माण के लिए सुरक्षित नहीं है। उन्होंने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि यदि इस स्थान पर निर्माण जारी रहता है तो भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना हो सकती है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि श्रम कल्याण केंद्र के इस क्षेत्र के लिए श्रम विभाग से आवश्यक NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) भी नहीं लिया गया है। ऐसे में नियमों का पालन करते हुए निर्माण कार्य को तुरंत रोककर वैकल्पिक स्थान पर ले जाना आवश्यक है।
पत्र के माध्यम से उन्होंने आग्रह किया है कि नगर परिषद वार्ड संख्या 10 में उपलब्ध सरकारी जमीन पर पानी टंकी का निर्माण कराया जाए, जिससे क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित तरीके से पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सके।
इस विषय में पत्र की प्रतिलिपि झारखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलेश महतो ‘कमलेश’ तथा धनबाद के उपायुक्त को भी भेजी गई है, ताकि मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि जनहित से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।