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भारतीय परंपरा में यज्ञ और मंत्रोच्चारण का विशेष महत्व-कुलपति प्रो सुदेश

खानपुर कलां 13 मार्च।
भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां में आयुर्वेद की छात्राओं के आगामी परीक्षाओं से पूर्व उनके उज्ज्वल भविष्य और सफलता की कामना को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में छात्रावास संख्या 1 में विधि-विधान से हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुदेश ने मुख्य यजमान के रूप में यज्ञ में आहुति देकर छात्राओं को परीक्षा में सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय परंपरा में यज्ञ और मंत्रोच्चारण का विशेष महत्व रहा है, जो सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर मन को एकाग्र करता है। उन्होंने छात्राओं से परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का आह्वान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर आयुर्वेद संकाय के डीन डॉ. एस. पी. गौतम ने आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ चरक संहिता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में मंत्रों और साधना का विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि गायत्री मंत्र को अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली मंत्र माना जाता है, जिसका जप मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और एकाग्रता प्रदान करता है।

कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें आयुर्वेद की छात्राओं ने भी आहुति देकर अपनी परीक्षा में सफलता की कामना की। पूरे वातावरण में वैदिक मंत्रों की ध्वनि से आध्यात्मिक और सकारात्मक माहौल बना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आयुर्वेद संस्थान के प्राचार्य डॉ ए पी नायक ने की।

फोटो कैप्शन:- 01 आयुर्वेद संस्थान में आयोजित हवन में आहुति डालते कुलपति प्रो सुदेश।

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