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मेदांता नोएडा ने कोलन हेल्थ और कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए कोलोरेक्टल अवेयरनेस टनल लॉन्च किया

नोएडा, 11 मार्च 2026: कोलन और रेक्टम से जुड़ी बीमारियों तथा कोलोरेक्टल कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मेदांता अस्पताल, नोएडा ने एक अनूठी पब्लिक हेल्थ पहल ‘कोलोरेक्टल अवेयरनेस टनल’ की शुरुआत की है। यह लाइफ-साइज़, वॉक-थ्रू इंस्टॉलेशन इस तरह डिजाइन किया गया है कि लोग विज़ुअली यह समझ सकें कि कोलन से जुड़ी बीमारियां कैसे विकसित होती हैं और समय के साथ किस तरह गंभीर रूप ले सकती हैं। इसके साथ ही यह लोगों को समय पर स्क्रीनिंग कराने और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है।


इस इंस्टॉलेशन का उद्घाटन मेदांता अस्पताल नोएडा के जीआई सर्जरी एवं जीआई ऑनको सर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. दीपक गोविल, और डॉ. विवेक टंडन, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. अजय भल्ला, इंटरनल मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर डॉ. जी.सी. वैश्नव मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. सज्जन राजपुरोहित और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर डॉ. दीपक मित्तल,की मौजूदगी में किया गया। यह पहल अस्पताल के जीआई और जीआई ऑनको सर्जरी विभाग द्वारा तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य कम्युनिटी एजुकेशन को मजबूत करना और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देना है।


इस पहल के बारे में बात करते हुए मेदांता अस्पताल नोएडा के जीआई सर्जरी एवं जीआई ऑनको सर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. विवेक टंडन ने कहा, “कोलोरेक्टल कैंसर उन कैंसर में से एक है जिसका समय रहते पता चल जाए तो इसका इलाज काफी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। लेकिन दुर्भाग्य से स्क्रीनिंग और शुरुआती लक्षणों के बारे में लोगों में जागरूकता अभी भी सीमित है। ‘कोलोरेक्टल अवेयरनेस टनल’ के माध्यम से हमने एक ऐसा अनुभव तैयार करने की कोशिश की है जिसमें लोग यह देख सकें कि कोलन के अंदर बीमारी कैसे धीरे-धीरे विकसित होती है। जब लोग यह समझते हैं कि एक स्वस्थ कोलन में कैसे पॉलीप्स बनते हैं और आगे चलकर कैंसर में बदल सकते हैं, तो शुरुआती स्क्रीनिंग का महत्व और स्पष्ट हो जाता है। हमारा उद्देश्य लोगों को सही जानकारी देकर उन्हें समय रहते डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना है।”


प्रिवेंटिव स्क्रीनिंग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मेदांता अस्पताल नोएडा के जीआई सर्जरी एवं जीआई ऑनको सर्जरी विभाग के डायरेक्टर डॉ. दीपक गोविल, ने कहा, “कोलोरेक्टल कैंसर अक्सर कई वर्षों तक बिना स्पष्ट लक्षणों के विकसित होता रहता है, इसलिए नियमित स्क्रीनिंग जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कई लोग मिथकों या जानकारी की कमी के कारण कॉलोनोस्कोपी जैसे टेस्ट कराने से हिचकते हैं। इस तरह की पहलें उन झिझकों को दूर करने में मदद करती हैं क्योंकि इसमें बीमारी की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही विजुअल और आसान तरीके से समझाया गया है। हमें उम्मीद है कि यह पहल खासकर 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और जोखिम वाले व्यक्तियों को समय पर स्क्रीनिंग कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।”


यह इनोवेटिव इंस्टॉलेशन मानव कोलन की आंतरिक संरचना को दर्शाते हुए लोगों को एक इमर्सिव अनुभव प्रदान करता है। इसमें दिखाया गया है कि किस तरह एक स्वस्थ कोलन से शुरुआत होकर धीरे-धीरे पॉलीप्स बनते हैं और आगे चलकर कोलोरेक्टल कैंसर विकसित हो सकता है। टनल के अलग-अलग हिस्सों में जोखिम कारकों, शुरुआती चेतावनी संकेतों, जीवनशैली के प्रभाव और समय पर स्क्रीनिंग के महत्व के बारे में जानकारी दी गई है। इसका विजुअल और इंटरएक्टिव फॉर्मेट कॉम्प्लेक्स मेडिकल जानकारी को सरल और समझने योग्य बनाता है।


‘कोलोरेक्टल अवेयरनेस टनल’ प्रिवेंटिव हेल्थ एजुकेशन के लिए भी एक प्रभावी मंच के रूप में काम करेगी। गाइडेड वॉक-थ्रू और जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से लोगों को उन लक्षणों के बारे में जागरूक किया जाएगा जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जैसे लगातार पेट में असहजता, बिना कारण वजन कम होना, मल में खून आना या बाउल हैबिट्स में बदलाव। टनल का अनुभव लोगों को यह समझने में मदद करता है कि कोलन के अंदर होने वाले शुरुआती बदलाव अगर समय पर पहचाने न जाएं तो वे आगे चलकर गंभीर बीमारी में बदल सकते हैं।


इस पहल का उद्देश्य एक व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचना है, जिसमें आसपास के स्कूलों के छात्र, कम्युनिटी और रेफरल डॉक्टर, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के प्रतिनिधि तथा नोएडा क्षेत्र के निवासी शामिल हैं। इसके तहत गाइडेड विजिट, एजुकेशनल सेशंस और इंटरएक्टिव अवेयरनेस एक्टिविटीज भी आयोजित की जाएंगी, ताकि विभिन्न समुदाय समूहों में हेल्थ लिटरेसी को बेहतर बनाया जा सके।


इस अवेयरनेस ड्राइव के माध्यम से मेदांता नोएडा का उद्देश्य कोलोरेक्टल कैंसर की शुरुआती पहचान के महत्व को उजागर करना, कोलन स्क्रीनिंग से जुड़े मिथकों को दूर करना और मरीजों की शिक्षा व प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। यह पहल अस्पताल को जीआई सर्जरी और जीआई ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ समुदाय और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के साथ जुड़ाव को भी मजबूत करती है।

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