गैस संकट पर CM Mamta Banerjee की हाई लेबल मीटिंग, कालाबाजारी करने वालों पर एक्शन
कोलकाता :- ईरान के साथ इजरायल व अमेरिका के युद्ध के चलते देशव्यापी ईंधन और एलपीजी गैस संकट का असर अब पश्चिम बंगाल के कोने-कोने में दिखने लगा है। राज्य के कई हिस्सों में रसोई गैस की कमी के कारण चूल्हे बुझने की नौबत आ गई है, वहीं परिवहन क्षेत्र में ऑटो का किराया बढ़ने से आम जनता बेहाल है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कृत्रिम संकट पैदा करने वाले जमाखोरों पर कड़ी नजर रखी जाए। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि कोई इस आपदा में निजी स्वार्थ के लिए गैस का भंडारण करता पाया गया, तो सरकार उसे तत्काल जब्त कर लेगी। मुख्यमंत्री ने इस अचानक पैदा हुए संकट के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त तैयारी और स्टॉक का आकलन किए एलपीजी बुकिंग पर कड़े प्रतिबंध लगाना एक 'गैर-जिम्मेदाराना' फैसला है। स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री बुधवार शाम को ही गैस डीलरों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करने वाली हैं। इसके बाद गुरुवार को पुनः प्रशासनिक बैठक बुलाई गई है, जिसमें आम जनता को इस समस्या से राहत दिलाने के लिए एक ठोस रूपरेखा तैयार की जा सकती है।