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टिहरी महोत्सव 2026: देवप्रयाग संगम पर भव्य महाआरती, श्री रघुनाथ मंदिर में गूंजे राम-रघुनाथ के भक्तिमय भजन

‘हिमालय O2’ अभियान के तहत भजन-कीर्तन संध्या और संगम तट पर दिव्य गंगा आरती, हजारों श्रद्धालु हुए मंत्रमुग्ध

टिहरी गढ़वाल | 08 मार्च 2026। केदार सिंह चौहान 'प्रवर'
टिहरी महोत्सव–2026 “हिमालय O2” के अंतर्गत संगम नगरी देवप्रयाग में आयोजित भजन-कीर्तन संध्या और भव्य महाआरती ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के विशेष प्रयासों से आयोजित इस कार्यक्रम में श्री रघुनाथ मंदिर परिसर भक्ति और आध्यात्म के सुरों से गूंज उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ नगरपालिका अध्यक्ष ममता देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत रघुनाथ कीर्तन मंडली द्वारा प्रस्तुत भजन “श्री रामचंद्र कृपालु भजमन हरण भवभय दारुणम्” से हुई, जिसकी मधुर धुनों ने पूरे मंदिर परिसर को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।

भजनों से झूम उठे श्रद्धालु

कार्यक्रम में भरत कीर्तन मंडली और शिव शक्ति कीर्तन मंडली ने “पायो जी मैंने राम रतन धन पायो” तथा “रघुपति राघव राजा राम” जैसे प्रसिद्ध भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। इन भजनों पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूमते नजर आए।

इसके अलावा बहा बाजार कीर्तन मंडली ने “नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो” भजन प्रस्तुत कर प्रभु श्रीराम की महिमा का गुणगान किया। वहीं श्री रघुनाथ संस्कृत परिसर के छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक भजनों की सुमधुर प्रस्तुति देकर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

संगम तट पर दिव्य महाआरती का अलौकिक दृश्य

टिहरी महोत्सव के तहत देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी के पवित्र संगम पर आयोजित भव्य महाआरती ने श्रद्धा और आध्यात्म का अद्भुत वातावरण निर्मित कर दिया। संध्या समय जब शंखध्वनि और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ महाआरती शुरू हुई, तो हजारों दीपों की रोशनी से गंगा की पावन जलधारा जगमगा उठी।

पुरोहितों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार और जलधारा पर तैरते दीपों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। “गंगा मैया की जय” के जयघोष और आरती की विशाल लौ से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वर्ग धरती पर उतर आया हो।

बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

इस भव्य आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आए तीर्थयात्रियों ने संगम तट पर उपस्थिति दर्ज कराई। वक्ताओं ने कहा कि “हिमालय O2” अभियान के माध्यम से न केवल हमारी पौराणिक परंपराओं को पुनर्जीवित किया जा रहा है, बल्कि गंगा की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है।

सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का माध्यम

नगरपालिका अध्यक्ष ममता देवी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम बनते हैं।

इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी राहुल भंडारी, सुरेश पंत, मनीष भट्ट, शिल्पी मोतीवाला, रेखा भट्ट, हेमलता पंचपुरी, अनसूया मिश्रा, संध्या, दीपमाला, नलनी भट्ट, बीना ध्यानी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

देर शाम तक चले इस कार्यक्रम ने संगम नगरी देवप्रयाग को पूरी तरह आध्यात्मिक वातावरण में सराबोर कर दिया।

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