मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने नानाखेड़ा स्टेडियम में 48.71 करोड़ रुपए की लागत के सिंथेटिक हाकी टर्फ एवं अन्य निर्माण कार्यों का किया भूमि पूजन
*मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नानाखेडा स्टेडियम में 48.71 करोड़ रुपए की लागत के सिन्थेटिक हॉकी टर्फ एवं अन्य निर्माण कार्यों का किया भूमि-पूजन*
*उज्जैन खेलों का हब बनने की ओर है अग्रसर : मुख्यवमंत्री डॉ. यादव*
*स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर में बनेगा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का हॉकी सिन्थेटिक टर्फ*
उज्जैन/गिरधारी लाल गेहलोत जन जन की आवाज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को उज्जैन में स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा स्टेडियम परिसर में 48.71 करोड रुपए की लागत से बनने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सिन्थेटिक हॉकी टर्फ और पवेलियन दर्शक दीर्घा के निर्माण कार्य के भूमि- पूजन किया।
*उज्जैन से भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे*
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्री महाकालेश्वर और श्री गोपाल कृष्ण की हम सभी पर विशेष कृपा है। उनके आशीर्वाद से आज उज्जैन और पूरे प्रदेश के खिलाडियों को सौगात मिलने जा रही है। स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स में निरंतर उज्जैन में विकास के कार्य हो रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है एवं विभिन्न जिलों में नए स्टेडियम, खेल परिसर एवं प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उक्त निर्माण कार्य से उज्जैन धीरे-धीरे खेलों का हब बनने की ओर अग्रसर है एवं भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे।
*2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के मैच उज्जैन में कराने का हमारा प्रयास*
स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर नानाखेडा स्टेडियम को देखकर विदेशों में स्थित सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम का स्मरण होता है। क्षीर सागर स्टेडियम में देश के अन्य शहरों के हॉकी खिलाडी आकर प्रदर्शन करते थे। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार यहां हॉकी सिन्थेटिक टर्फ की आवश्यकता थी जो निकट भविष्य में शीघ्र ही पूर्ण होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि वर्ष 2030 में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स में इस स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच का आयोजन करवाया जाए। हम सभी ने यह संकल्प लिया था कि प्रतिभाशाली खिलाडियों को उनके हुनर के प्रदर्शन के लिए सर्वसुविधायुक्त स्टेडियम बनाकर दिया जाएगा।