दुबई में 6 वर्षीय मोहम्मद दानियाल शाह का पहला रोज़ा – नन्ही उम्र में इबादत और इंसानियत की मिसाल
सात समंदर पार दुबई में रहने वाले बारीनगर, टेल्को के फहद शाह के 6 वर्षीय मोहम्मद दानियाल शाह ने इस बरकत भरे रमज़ान महीने में अपना पहला रोज़ा रखकर एक खूबसूरत मिसाल पेश की। अल्हम्दुलिल्लाह नन्ही उम्र में इबादत के प्रति यह लगन न सिर्फ़ उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे समाज के लिए भी प्रेरणा है। दानियाल ने रोज़ा और नमाज़ के ज़रिए अपने देश भारत में शांति, मोहब्बत, अमन-चैन, एकता और तरक्की के लिए दुआ मांगी, साथ ही पूरी दुनिया में अमन और इंसानियत कायम रहने की भी दुआ की। अपने मुल्क से मोहब्बत ईमान का हिस्सा है |
रमज़ान का महीना हमें आत्मसंयम, त्याग और करुणा का संदेश देता है। यह हमें सिखाता है कि हम एक-दूसरे के दर्द को समझें और जरूरतमंदों की मदद करें। दानियाल का यह मासूम पैगाम हम सबको याद दिलाता है कि सच्ची इबादत वही है, जो इंसानियत, मोहब्बत और अपने वतन से प्यार को मज़बूत करे।
अल्लाह इस मासूम बच्चे की दुआ को कबूल फ़रमाए और हमारे देश में आपसी सौहार्द, प्रेम, एकता और तरक्की को कायम रखे।