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ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत अब मृत, वृद्ध और दिव्यांग किसानों के वारिसों को भी आसानी से मिलेगा उर्वरक

🔳ई-विकास प्रणाली के अंतर्गत अब मृत, वृद्ध और दिव्यांग किसानों के वारिसों को भी आसानी से मिलेगा उर्वरक

🔳कटनी - जिले के किसानों के लिए उर्वरक की प्राप्ति को सुगम बनाने हेतु शासन द्वारा 'ई-विकास' (वितरण एवं कृषि आपूर्ति समाधान) प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब उन किसान परिवारों को भी खाद मिल सकेगी जहाँ भू-स्वामी की मृत्यु हो चुकी है और भूमि का नामांतरण लंबित है या किसान शारीरिक रूप से केंद्र तक आने में असमर्थ हैं।

*मृत किसान जिनकी भूमि का नामांतरण लंबित*

ऐसे किसान जिनकी मृत्यु के उपरांत भूमि का नामांतरण नहीं हो पाया है, के संबंध में मृत किसान परिवार के सभी उत्तराधिकारी सदस्यों की सहमति पत्र के आधार पर किसी एक व्यक्ति को नॉमिनी के रूप में मान्य किया जाएगा।इसके लिए नॉमिनी द्वारा उर्वरक हेतु ई-टोकन के लिए निर्धारित पारूप में जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।

*शारीरिक रूप से असक्षम एवं वृध्द किसान*

ऐसे शारीरिक रूप से असक्षम एवं वृध्द किसान, जिनके आधार डाटाबेस में मोबाईल नंबर अपडेट और सत्यापन संभव नहीं है, उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा उन्हे नामिनी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए नॉमिनी ‌द्वारा उर्वरक हेतु ई-टोकन के लिए निर्धारित प्रारूप में जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा। निर्धारित प्रारूपों में जानकारी दर्ज करने के बाद, नॉमिनी किसान द्वारा ई-विकास पोर्टल पर आधार सत्यापन अनिवार्य होगा।

नॉमिनी किसान ‌द्वारा ई-विकास पोर्टल पर आधार सत्यापन पश्चात निर्धारित प्रारूप में जानकारी दर्ज करने के उपरांत संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ‌द्वारा दर्ज जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद ही संबंधित किसान ई-टोकन जनरेट कर सकेगा।

*उर्वरक प्राप्ति की प्रक्रिया*

ई-विकास पोर्टल पर जाकर अधिकृत किसान की आधार संख्या दर्ज की जाएगी। आधार सत्यापन के उपरांत अधिकृत कृषक ‌द्वारा टोकन जनरेट किया जाएगा। इस टोकन की वैधता निर्धारित अवधि तक रहेगी। किसान जनरेट किए गए टोकन के साथ संबंधित सहकारी समिति या अधिकृत उर्वरक विक्रेता (समिति) के पास जाएगा। विक्रेता दवारा टोकन का सत्यापन कर उर्वरक वितरण किया जाएगा। उर्वरक वितरण के पश्चात टोकन का उपयोग दर्ज किया जाएगा।

उप संचालक कृषि ने जिले के सभी कृषक भाईयों से आग्रह किया है कि जिन भू-स्वामियों की मूत्यु उपरांत भूमि का नामांतरण लंबित है या जो किसान शारीरिक रूप से असक्षम एवं वृध्द है उन कृषको को उर्वरक प्राप्ति हेतु ई-विकास प्रणाली में प्रावधान किया गया है कृषक बताई गई प्रक्रिया का अनुसरण कर ई-टोकन जनरेट कर सकेंगे एवं चयनित उर्वरक विक्रेता से उर्वरक प्राप्त कर सकते है।
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