नाविक की बेरहमी से की पिटाई पुलिस जांच में जुटी -अयोध्या
पवित्र नगरी अयोध्या में सरयू नदी के नयाघाट तट से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सुरक्षा और बचाव कार्य के लिए तैनात राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के एक जवान का खौफनाक चेहरा कैमरे में कैद हो गया है। सोशल मीडिया पर एक 36 सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एसडीआरएफ का यह जवान एक स्थानीय गरीब नाविक को बेरहमी से घूंसों से पीटता हुआ नजर आ रहा है। खाकी वर्दी पहने इस जवान की इस हिंसक हरकत को देखकर हर कोई स्तब्ध है और सुरक्षाबलों के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस पूरी घटना और मारपीट के पीछे का मुख्य कारण घाट पर जेटी (नाव बांधने का स्थान) लगाने का विवाद बताया जा रहा है। स्थानीय नाविकों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एसडीआरएफ का जवान उस नाविक को अपनी जेटी वहां से तुरंत हटाने का फरमान सुना रहा था।
जब नाविक ने अपनी आजीविका का हवाला देते हुए जेटी हटाने से इनकार किया, तो यह सामान्य सी बहस कुछ ही पलों में एक तीखी नोकझोंक में बदल गई। इसके बाद गुस्से में आगबबूला हुए जवान ने अपना आपा खो दिया और नाविक पर ताबड़तोड़ घूंसे बरसाने शुरू कर दिए, जिससे वह नाविक बुरी तरह चोटिल हो गया।
इस अमानवीय कृत्य के सामने आने के बाद नयाघाट के स्थानीय नाविक समुदाय में भारी रोष और आक्रोश फैल गया है। घाट पर काम करने वाले अन्य सभी नाविकों ने अपने साथी के साथ हुई इस बर्बरता का कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि जो बल लोगों की जान बचाने के लिए तैनात किए गए हैं, अगर वे ही इस तरह गरीबों के साथ मारपीट और ज्यादती पर उतर आएंगे, तो आम जनता किस पर भरोसा करेगी। इस घटना के बाद से सरयू तट पर तनाव का माहौल बना हुआ है और नाविकों ने न्याय की गुहार लगाई है।
वायरल हो रहे इस वीडियो के तूल पकड़ते ही अयोध्या पुलिस का महकमा भी तुरंत हरकत में आ गया है और मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए गहन जांच शुरू कर दी है। अयोध्या के क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया है कि पुलिस के संज्ञान में आया यह वीडियो कुछ दिन पुराना है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी इस मारपीट का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।